करनाल, 22/05/2026
करनाल के घरौंडा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के 6 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन 17 मई से 23 मई तक किया जा रहा है. इस दौरान कथा के कार्यक्रम को लेकर कई बार विवाद भी हुआ, उन सभी को लेकर वे मीडिया से रूबरू हुए और खुलकर अपनी बात रखी
पंडित प्रदीप मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि करनाल और हरियाणा की मीडिया ने काफी अच्छा काम किया है. जो कथा मैं करता हूं, वो चाहे कोई गरीब हो चाहे कोई अमीर हो हर किसी के लिए होती है और यहां पर किसी भी प्रकार का कोई vip पास जारी नहीं होना चाहिए. मीडिया ने इस सवाल को उठाया था और हमने उसको लागू किया है ताकि हर कोई कथा सुन सके.
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का वीआईपी कल्चर मंदिरों में भी खत्म होना चाहिए. अगर किसी के पास पैसे हैं तो उसको पहले दर्शन हो जाते हैं, गरीबों को बाद में. वहां भी इस प्रकार का चलन खत्म होना चाहिए. उन्होंने मीडिया की तारीफ करते हुए कहा कि जो कौम इधर-उधर जा रही थी, वो अब एक स्थान पर आ गई है और इसमें मीडिया का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा कहता हूं कि इंसान को भगवान मत बनाओ, भगवान को भगवान रहने दो. किसी समय भारत की भूमि पर भक्त जन्म लेते थे. आज के समय में लोग सब भगवान बनकर जन्म ले रहे हैं. खुद भगवान ना बने बल्कि भगवान के प्रति लोगों को जागरूक करें
उन्होंने कहा कि जब मैं किसी को अपनी कथा देता हूं तो उसमें फॉर्म भरा जाता है जिसमें लिखा जाता है कि वीआईपी कल्चर नहीं होगा, उसके साथ-साथ चंदा नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी से कर्जा लेकर या चंदा लेकर कथा नहीं करनी चाहिए. अगर किसी को पैसा दिया है तो उसको अच्छे काम पर लगाते.गरीबों की सहायता करें. शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों को शिक्षा देने का काम करें.
उन्होंने कथा के पैसे लेने को लेकर कहा कि मैं किसी से पैसे नहीं लेता. जब व्यवस्था कथा करवाने वाला करता है तो उसमें पैसे नहीं होते. साउंड सिस्टम और अन्य कार्यक्रम मेरे द्वारा मेरे साथ लोग जाते हैं तो जितना सामने वाला उनको देना चाहिए वो दे सकता है. लेकिन एक करोड़, डेढ़ करोड़ रूपया मुझे दिया जाता है, ये गलत है , इसका कोई प्रमाण कर सिद्ध कर दे, ऐसी मैं चुनौती देता हूं. भंडारा चलाने का काम आयोजनकर्ता का होता है. अगर ऐसा नहीं होता तो हम लोग इसका प्रबंध करते हैं.
