Odissa CEO
न्यूज़ डेस्क, 5 जुलाई 2026
ओडिशा में SIR के बाद से 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काट दिए गए है जिसके बाद से कांग्रेस और अन्य राजनितिक दलों ने कई सवाल खड़े किये है ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने मुख्य चुनाव अधिकारी से एसआईआर से नाम हटाने पर सवाल किया. तो उन्होंने कहा कि मैंने 8 लाख मौतों के बारे में सुना था. सीईओ ने हमें बताया, लेकिन कुछ लोगों को मरा हुआ मार्क कर दिया गया, जबकि वे सर्वे के दौरान वहां थे ही नहीं. कृपया इसका जवाब दें. कहा जाता है कि 10 लाख लोगों के पते उपलब्ध नहीं हैं, उनकी जानकारी सरकार के अलग-अलग विभाग में है. साल में एक बार ओडिशा आने वालों की पहचान होनी चाहिए. प्रजातंत्र में अधिकारों को अपनी मर्ज़ी से नहीं बांटा जा सकता. लोगों को मौका मिलना चाहिए.
इस बीच, भाजपा ने कहा कि एसआईआर को लेकर ओडिशा में विपक्ष की बातें डूबते जहाज की तरह डूब गई हैं. उन्होंने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए दूसरों पर इल्ज़ाम लगाया है. अपनी ही पार्टी पर भरोसा नहीं है. उसे छोड़कर, वे सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं. कांग्रेस और बीजेडी बात कर रहे हैं. क्लीन वोटर लिस्ट बनाने के दौरान कुछ नाम काट दिए गए. जिन लोगों को आपत्ति है या नाम जुड़वा सकते हैं, उनके लिए अभी भी काफी समय है. यह पक्का है कि एक भी योग्य मतदाता लिस्ट से बाहर नहीं रहेगा. भाजपा नेता सुरथा बिस्वाल ने कहा कि विपक्ष को समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों है.


