नई दिल्ली, 02/10/2026
दुनिया भर में चबाने वाले तंबाकू (गुटखा, खैनी, जर्दा आदि) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर एक बेहद चिंताजनक अध्ययन सामने आया है। ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ (IHME) की नवीनतम रिपोर्ट ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी 2023’ (GBD 2023) के अनुसार, वर्ष 2023 में दुनिया भर में तंबाकू चबाने के कारण अनुमानित 2,51,000 मौतें हुईं। इनमें से करीब 84 प्रतिशत मौतें अकेले भारत में दर्ज की गईं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा आंकड़ा है। प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान का 90% से अधिक हिस्सा केवल 10 देशों तक सीमित है, जिनमें भारत शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
भारत में 10.5 करोड़ लोग तंबाकू चबाने के आदी
अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पूरी दुनिया में चबाने वाले तंबाकू का सेवन करने वालों में से दो-तिहाई लोग (लगभग 10.5 करोड़) केवल भारत में रहते हैं। 1980 के दशक में पाउच और पैकेट में गुटखा बेचने के चलन के बाद भारत में इसका सेवन तेजी से बढ़ा। हालांकि 2012 में सरकार ने गुटखा पर औपचारिक प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इसके बावजूद देश के कोने-कोने में इसकी आसान उपलब्धता बनी हुई है।
दक्षिण एशिया में वैश्विक औसत से 4 गुना अधिक खपत
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों (भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि) में तंबाकू का वैश्विक बोझ सबसे अधिक है।
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ग्लोबल एवरेज: 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 3.9% लोग तंबाकू चबाते हैं।
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दक्षिण एशिया: इस क्षेत्र में 14.6% लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जो वैश्विक औसत से करीब चार गुना अधिक है।
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लैंगिक अंतर: दक्षिण एशिया में 20% पुरुष (हर 5 में से 1) और 10% महिलाएं (हर 10 में से 1) तंबाकू की आदी हैं।
बांग्लादेश में एक अनूठा पैटर्न देखा गया है, जहां 30 वर्ष से अधिक उम्र के आयु वर्ग में पुरुषों की तुलना में महिलाएं तंबाकू का सेवन अधिक करती हैं।
चबाने वाले तंबाकू से होने वाली 6 गंभीर बीमारियां
शोधकर्ताओं ने तंबाकू चबाने के कारण होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को मुख्य रूप से 6 प्रमुख बीमारियों के आधार पर आंका है:
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स्ट्रोक (हृदय व मस्तिष्क संबंधी आघात) — कुल स्वास्थ्य बोझ में सबसे बड़ा हिस्सा।
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होंठ और मुंह का कैंसर (Lip and Oral Cavity Cancer)
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खाने की नली का कैंसर (Esophageal Cancer)
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गले का कैंसर (Pharyngeal Cancer)
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स्वरयंत्र का कैंसर (Laryngeal Cancer)
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नाक और गले का कैंसर (Nasopharyngeal Cancer)
ग्लोबल लेवल पर मुंह के कैंसर से होने वाले कुल स्वास्थ्य नुकसान (DALYs) में 17.3% योगदान तंबाकू का है, जो दक्षिण एशिया में बढ़कर 30.5% हो जाता है। 1990 से 2023 के बीच तंबाकू चबाने से जुड़े DALYs में 116% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एक ही नीति हर देश पर नहीं हो सकती लागू: विशेषज्ञ
IHME की सीनियर राइटर और प्रोफेसर डॉ. इमैनुएला गाकिडोउ (Dr. Emmanuela Gakidou) के मुताबिक, तंबाकू की रोकथाम के लिए किसी एक साझा नीति (One size fits all approach) को लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हर देश, उम्र, जेंडर और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के हिसाब से तंबाकू छोड़ने की अलग रणनीतियां बनाई जानी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट केवल शैक्षिक और जागरूकता के उद्देश्यों के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लत के इलाज के लिए चिकित्सकीय परामर्श लें।)
