न्यूज़ डेस्क, 05/10/2026
टेक दिग्गज एपल (Apple) ने मैक (Mac) कंप्यूटर यूज़र्स की सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। यह बदलाव मैक के ‘फुल डिस्क एक्सेस’ (Full Disk Access) परमिशन सिस्टम से जुड़ा हुआ है। AI एजेंट्स (AI Agents) के बढ़ते इस्तेमाल और हाल ही में मेटा (Meta) के एआई एजेंट ‘म्यूज़’ (Muse) को लेकर उठे विवाद के बाद एपल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
क्या होता है ‘Full Disk Access’?
‘फुल डिस्क एक्सेस’ मैक ऑपरेटिंग सिस्टम की एक विशेष परमिशन सुविधा है। जब किसी ऐप या सॉफ्टवेयर को यह एक्सेस दिया जाता है, तो वह सिस्टम की लगभग सभी फाइलों और पर्सनल डेटा तक पहुँच बना सकता है। इसमें शामिल हैं:
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आपकी पर्सनल फाइल्स और डॉक्यूमेंट्स
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ईमेल (Mails) और मैसेजिंग ऐप्स (Messages)
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वेब ब्राउज़िंग हिस्ट्री और डाउनलोड्स
मैक में आईफोन (iPhone) या आईपैड (iPad) की तरह सख्त ‘सैंडबॉक्सिंग’ (Sandboxing – जहां ऐप्स एक-दूसरे के डेटा से पूरी तरह अलग रहते हैं) नहीं होती। इस कारण बैकअप टूल्स और कुछ विशेष सॉफ्टवेयर्स के सही संचालन के लिए फुल डिस्क एक्सेस आवश्यक होता है।
Meta Muse विवाद के बाद क्यों बढ़ी चिंता?
हाल ही में मेटा द्वारा लॉन्च किए गए एआई एजेंट ‘म्यूज़’ (Muse) को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कुछ यूज़र्स ने आरोप लगाया कि इस एआई एजेंट ने उनके निजी मैसेज पढ़ लिए हैं।
इस पर सफाई देते हुए मेटा ने कहा कि मैसेज पढ़ने के लिए फुल डिस्क एक्सेस और मैसेजेस कनेक्टर (Messages Connector) दोनों को यूज़र द्वारा खुद चालू (Opt-in) करना पड़ता है। हालांकि, इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि यूज़र बिना पूरी जानकारी के किसी एआई एजेंट को यह परमिशन दे देता है, तो उसकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।
एपल का नया फैसला: अब आसान नहीं होगा एक्सेस देना
एपल ने अपनी लेटेस्ट पोस्ट में स्पष्ट किया है कि अब Full Disk Access देने के लिए यूज़र को बहुत स्पष्ट और जानबूझकर (Intentional) कदम उठाने होंगे। अब केवल एक क्लिक में यह परमिशन नहीं मिलेगी।
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AI एजेंट्स से बढ़ता खतरा: एआई एजेंट्स जैसे-जैसे अधिक स्मार्ट और स्वतंत्र हो रहे हैं, वे पूरे सिस्टम का डेटा एक्सेस करके यूज़र की ब्राउज़िंग हिस्ट्री, मेल्स और मैसेजेस पढ़ सकते हैं।
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दूसरों की प्राइवेसी पर असर: कम्युनिकेशन ऐप्स के मामले में यह न केवल यूज़र बल्कि उनसे बात करने वाले अन्य लोगों की प्राइवेसी को भी प्रभावित कर सकता है।
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जागरूकता पर जोर: एपल ने कहा कि वह डेवलपर्स को पावरफुल टूल्स देती है, लेकिन यूज़र्स को खतरे की पूरी जानकारी होना और उनकी प्राइवेसी की सुरक्षा करना कंपनी की प्राथमिकता है।
यूज़र्स के लिए सलाह
AI एजेंट्स के इस दौर में जहाँ कई जटिल काम अपने आप हो रहे हैं, वहीं प्राइवेसी की चुनौती भी बढ़ गई है। टेक एक्सपर्ट्स और एपल ने यूज़र्स को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
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सोच-समझकर दें परमिशन: किसी भी ऐप या एआई एजेंट को ‘Full Disk Access’ देने से पहले उसके खतरे और आवश्यकता को अच्छी तरह समझ लें।
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समय-समय पर करें रिव्यू: अपने मैक की ‘System Settings’ में जाकर नियमित रूप से जांचें कि किन-किन ऐप्स के पास फुल डिस्क एक्सेस की अनुमति है और अनावश्यक ऐप्स का एक्सेस तुरंत हटा दें।
