करनाल, 23/05/2026
किसान नेता गुरुग्राम चढूनी का दावा है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उनको राष्ट्रीय संयोजक बनाया है. उन्होंने एक पोस्टर भी जारी किया है. जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी का धन्यवाद किया है.
क्या बोले गुरनाम चढूनी?
किसान नेता गुरुग्राम चढूनी ने कहा कि “कॉकरोच जनता पार्टी ने मुहिम चलाई है. इससे एक बात तो साफ हो गई है कि देश का युवा रानजीतिक पार्टियों का विकल्प ढूंढ़ रहा है. राजनीतिक पार्टियां व्यापारी हो गई हैं. पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा. ऐसे में आम जनता का भारत में जीने का कोई मकसद बचा नहीं है. इसलिए हम इस पार्टी का समर्थन करते हैं. उन्होंने मुझे पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है. हालांकि अभी तक पार्टी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, लेकिन पब्लिक के रुझान पर मुझे ये जिम्मेदारी दी गई है.”
‘संगठन बनाकर चुनाव लड़ना चाहिए’
चढूनी ने कहा कि “यदि कॉकरोच जनता पार्टी नई राजनीतिक मुहिम आगे बढ़ती है, तो इसे केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि पूरे देश में संगठन बनाकर चुनाव लड़ना चाहिए.” उन्होंने सुझाव दिया कि “बुद्धिजीवियों, क्रांतिकारियों और देशहित में काम करने वाले लोगों को एक मंच पर लाया जाए, ताकि जनता की आवाज को मजबूत दिशा मिल सके.”
‘देश के हालात चिंताजनक’
किसान नेता ने कहा कि आज देश की हालत चिंताजनक हो चली है. भारत भुखमरी के मामले में लगातार पीछे जा रहा है. आम आदमी का जीवन बेहद कठिन हो चुका है. अगर हालात नहीं बदले, तो देश को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. कंप्यूटर शिक्षक 15 वर्षों से मात्र 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं. 12-12 घंटे ड्यूटी के बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल पा रही.
गरीबों का इलाज बड़ी चुनौती
स्वास्थ्य सेवाओं पर किसान नेता चढूनी ने कहा कि “आज आम आदमी के लिए इलाज कराना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. यदि किसी व्यक्ति की हड्डी टूट जाए तो इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं. ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आखिर कहां जाएं? देश में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार महंगी होती जा रही हैं, जबकि आम जनता की आय उसी जगह ठहरी हुई है.”
पीएम मोदी की अपील का समर्थन
पेट्रोल-डीजल और रसायनों के कम इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री की अपील पर चढूनी ने कहा कि “अपील अच्छी है, लेकिन सरकार को खुद भी देश का पैसा बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए. विदेशों से बड़े पैमाने पर पाम ऑयल मंगवाया जा रहा है, जिससे देश का भारी धन बाहर जा रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है.”
