नई दिल्ली, 05/10/2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव के लिए अपने 8 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। राज्य विधानसभा में अपने मजबूत संख्याबल को देखते हुए पार्टी ने 8 सुरक्षित सीटों पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इस घोषणा के साथ ही केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में नई जिम्मेदारियाँ देने तथा मौजूदा सांसदों के पुनर्म नामांकन न होने से देश के केंद्रीय कैबिनेट में जल्द ही बड़े फेरबदल की संभावनाएँ बलवती हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश से भाजपा के 8 उम्मीदवार
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धर्मपाल सिंह (योगी सरकार में पशुपालन मंत्री)
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राधाकांत ओझा
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प्रकाश पाल
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विद्यासागर सोनकर
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गोपी कृष्ण पांडेय
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प्रियंका सिंह रावत
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राम प्रताप सिंह चौहान
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श्रुति गंगवार
इन प्रत्याशियों में 3 पिछड़ा वर्ग (OBC), 2 अनुसूचित जाति (SC) तथा 3 सामान्य वर्ग के चेहरे शामिल हैं। साथ ही महिलाओं को प्रतिनिधित्व देते हुए 2 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है।
मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों को नहीं मिला दोबारा मौका
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। पार्टी द्वारा इस बार उन्हें उम्मीदवार न बनाए जाने से उनके मंत्रिमंडलीय पदों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, संसद सदस्य रहे बिना कोई भी व्यक्ति अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।
कैबिनेट फेरबदल की पृष्ठभूमि और सांगठनिक बदलाव
राज्यसभा प्रत्याशियों की यह घोषणा हालिया प्रशासनिक व सांगठनिक घटनाक्रमों से जुड़ी हुई है:
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पूर्व मंत्रियों के इस्तीफे: इससे पहले अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन (मध्य प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल समाप्ति के बाद) और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (राजस्थान से राज्यसभा टिकट न मिलने पर) अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
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पंजाब की राजनीति में भूमिका: रवनीत बिट्टू को पंजाब के 2027 विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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‘एक व्यक्ति, एक पद’ का सिद्धांत: केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष तथा पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के नियम के तहत इन नेताओं के मंत्री पद छोड़ने की संभावना है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में नए चेहरों को शामिल करने तथा सांगठनिक पुनर्गठन को गति देने के लिए कैबिनेट फेरबदल का खाका लगभग तैयार माना जा रहा है।
