Captain Smit Machhar
नई दिल्ली, 02/10/2026
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर फ्लाईदुबई विमान FZ1073 के पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छर को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त नागरिक सम्मान से सम्मानित करने की मांग की है। कॉकपिट में अचानक हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस दिखाते हुए 174 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स की जान बचाई।
क्या थी पूरी घटना?
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजराइल के तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर एक हैरान कर देने वाली घटना घटी, जब फर्स्ट ऑफिसर ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स (आपातकालीन कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन स्मित बुरी तरह घायल हो गए।
खून से लथपथ कैप्टन ने नहीं खोया आपा
गंभीर चोटों और अत्यधिक तनाव के बावजूद कैप्टन स्मित ने संयम नहीं खोया और पायलट-इन-कमांड के रूप में अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने विमान से अपना नियंत्रण नहीं हटने दिया और तुरंत जरूरी फैसले लेते हुए आपात स्थिति में एयरक्राफ्ट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। उनकी सूझबूझ से विमान तबुक में सुरक्षित लैंड हुआ और 182 लोगों की जान बच गई।
FIP ने पत्र में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में FIP ने कहा कि पायलटों को खराब मौसम, तकनीकी खराबी या मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की ट्रेनिंग तो दी जाती है, लेकिन फ्लाइट डेक के अंदर इस तरह का अचानक हुआ हमला एक अप्रत्याशित खतरा था। ऐसे में कैप्टन स्मित का साहस, नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण अतुलनीय है। संस्था ने उल्लेख किया कि यद्यपि कैप्टन स्मित वर्तमान में FIP के सक्रिय सदस्य नहीं हैं (वह 2022 तक सदस्य थे), लेकिन पूरा भारतीय विमानन समुदाय उनकी इस जांबाजी पर गर्व महसूस करता है। एफआईपी ने पीएमओ से अपील की है कि संबंधित एजेंसियों से घटना के तथ्यों की जांच कराकर कैप्टन स्मित को उनकी वीरता के लिए सर्वोच्च नागरिक या राष्ट्रीय सम्मान दिया जाए।
