वॉशिंगटन, 16/10/2026
अमेरिका की सर्वोच्च जांच एजेंसी ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (FBI) की ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ (सबसे बड़े धोखेबाज़ों) की सूची में शामिल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मनजीत सिंह बेदी को भारत में गिरफ्तारी के बाद सफलतापूर्वक अमेरिका वापस भेज दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बेदी बुधवार रात को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में वॉशिंगटन स्टेट के सिएटल शहर पहुंच गया है। FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने इस ऐतिहासिक और त्वरित कार्रवाई के लिए भारत सरकार और पंजाब पुलिस का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
3 सितंबर 2026: FBI ने बेदी को आधिकारिक तौर पर अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया और उसकी जानकारी देने वाले के लिए 1,50,000 डॉलर ($150,000) तक के इनाम का ऐलान किया।
4 सितंबर 2026: इनाम की घोषणा के तुरंत बाद भारतीय एजेंसियां हरकत में आईं और पंजाब की जालंधर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी बेदी को धर दबोचा।
अमेरिका में करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का घोटाला
मनजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन राज्य के टैकोमा शहर में ‘एशियन ग्रॉसरी स्टोर’ नाम से एक छोटा किराना स्टोर चलाता था। मार्च 2024 से जून 2025 के बीच उसने गरीबों की मदद के लिए चलाई जाने वाली अमेरिकी सरकार की मुफ्त भोजन सहायता योजना (SNAP) के फंड में भारी धांधली की। वह योजना के लाभार्थियों के सरकारी EBT कार्ड अपने स्टोर पर स्वाइप करता था, लेकिन उन्हें राशन देने के बजाय आधी कीमत पर नकदी दे देता था और बाकी की आधी रकम खुद हड़प लेता था। इस धोखाधड़ी के जरिए उसने अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर (लगभग 5.6 करोड़ रुपये) का चूना लगाया।
अदालत से राहत मिलने के बाद कनाडा के रास्ते भारत भागा था आरोपी
घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद, अप्रैल 2026 में अमेरिकी अदालत ने बेदी पर ‘वायर फ्रॉड’ के छह मामले दर्ज किए थे। उस समय अदालत ने उसे बिना हिरासत के पेश होने की अनुमति दी थी और अपना पासपोर्ट जमा कराकर वॉशिंगटन स्टेट में ही रहने का आदेश दिया था। लेकिन, बेदी ने अदालती शर्तों का उल्लंघन किया और अपनी कार से सीमा पार करके कनाडा भाग गया। वहां से भारत (पंजाब) पहुंच गया। इसके बाद मई 2026 में उसके खिलाफ अमेरिका में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
FBI डायरेक्टर काश पटेल का बयान
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भारत सरकार की सराहना करते हुए ‘X’ पर लिखा “मनजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी और अमेरिका वापसी हमारे ऐतिहासिक ‘मोस्ट वांटेड’ कार्यक्रम के लिए एक और महत्वपूर्ण क्षण है। अमेरिकी करदाताओं (Taxpayers) का पैसा लूटने वाले अपराधियों के बिना किसी परिणाम के बच निकलने के दिन अब खत्म हो चुके हैं।” उन्होंने आगे जानकारी दी कि पिछले 20 महीनों में अमेरिका ने भारत जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की मदद से रिकॉर्ड 260 अपराधियों को वापस अमेरिका लाने में सफलता हासिल की है।
अमेरिकी अदालत में पेशी और 20 साल तक की जेल का प्रावधान
वॉशिंगटन के एक्टिंग यूएस अटॉर्नी नील फ्लायड के अनुसार, मनजीत सिंह बेदी को शुक्रवार को टैकोमा की फेडरल कोर्ट में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील अदालत से अपील करेंगे कि मुकदमा चलने तक बेदी को हिरासत में ही रखा जाए, क्योंकि वह पहले भी देश से भागने की कोशिश और मंशा दिखा चुका है। अमेरिकी कानून के अनुसार, वायर फ्रॉड और सरकारी फंड की चोरी के मामले में दोषी साबित होने पर आरोपी को 20 साल तक की सख्त कैद और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है।
