रोहतक, 02/10/2026
हरियाणा के रोहतक जिले के रुड़की गांव की रहने वाली भारतीय महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। परवीन ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स के 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही उनके गृह क्षेत्र रुड़की गांव और परिवार में उत्सव का माहौल बना हुआ है।
परिजनों को दिया वादा किया पूरा
जापान रवाना होने से पहले परवीन ने अपने परिवार से वादा किया था कि वह इस बार खाली हाथ नहीं लौटेगी। जीत पर खुशी जाहिर करते हुए उनकी मां नीलम हुड्डा ने बताया कि परवीन ने गोल्ड मेडल जीतकर अपना वादा पूरा कर दिया है। परवीन के पिता लखपत हुड्डा ने बेटी के संघर्ष और सफलता की सराहना करते हुए कहा, “परवीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से चूकने के बाद उसने एशियन गेम्स में इस कमी को पूरा कर दिया। हमें अपनी बेटी के हौसले पर पूरा विश्वास था, उसने आज हमारा सपना साकार कर दिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि गांव लौटने पर परवीन का भव्य नागरिक अभिनंदन और स्वागत किया जाएगा।
संघर्ष से सफलता तक: ITBP में एएसआई हैं परवीन
वर्तमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर तैनात परवीन हुड्डा का खेल सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दौर में आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम और विजेंद्र सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने अपने गांव की ही एक अकादमी से बॉक्सिंग के गुण सीखे थे।
परवीन हुड्डा की प्रमुख उपलब्धियां
परवीन का करियर अब तक कई ऐतिहासिक सफलताओं से भरा रहा है:
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एशियन गेम्स: गोल्ड मेडल
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वर्ल्ड बॉक्सिंग कप (2025): गोल्ड मेडल
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एशियाई चैंपियनशिप (2022): गोल्ड मेडल
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विश्व चैंपियनशिप (2022): ब्रॉन्ज़ मेडल
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साउथ एशियन गेम्स, नेपाल (2019): गोल्ड मेडल
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वर्ल्ड कप, जर्मनी (2019): गोल्ड मेडल
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खेलो इंडिया: गोल्ड मेडल
