चंडीगढ़, 1/10/2026
पंजाब के वित्त मंत्री और कर्मचारियों के मामलों के समाधान के लिए गठित मंत्रिमंडल सब-कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पीएसपीसीएल (PSPCL) कर्मचारियों और ठेका कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान वित्त मंत्री ने पीएसपीसीएल प्रबंधन को आगामी निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक में कर्मचारियों की जायज मांगों के निपटारे में तेजी लाने के स्पष्ट हिदायत दी।
निदेशक मंडल की बैठक में मुद्दों को प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक में पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) गुरकीरत कृपाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वित्त मंत्री चीमा ने विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया को गति देकर सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि यूनियनों की अधिकांश मांगें पहले से ही सरकार के विचाराधीन हैं और प्रशासनिक व ढांचागत मामलों का बिना किसी अनावश्यक देरी के योजनाबद्ध समाधान किया जाएगा।
बैठक में उठीं ये प्रमुख मांगें:
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वेतनमान विसंगति: सहायक अभियंताओं (Assistant Engineers) के वेतनमान में मौजूद विसंगतियों को दूर करना।
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आउटसोर्स कर्मचारियों का विलय: एनसीसी, सीआरसी, स्टोर, लैब और बिलिंग से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय ठेके के अधीन लाना।
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स्थायी रोजगार: प्रशिक्षित डिप्लोमा और डिग्री अप्रेंटिसों को स्थायी नौकरी के अवसर प्रदान करना।
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मीटर रीडरों की बहाली: नौकरी से हटाए गए मीटर रीडरों को बहाल करना और उनकी सेवा शर्तों व भत्तों को निर्धारित करना।
यूनियनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस बैठक में पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन, पावरकॉम एवं ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन, आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ, अखिल डिप्लोमा डिग्री अप्रेंटिसशिप एसोसिएशन और पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन (आजाद) के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा।
