दिल्ली में नकली रेबीज वैक्सीन सिंडिकेट का भंडाफोड़
नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026
राजधानी दिल्ली में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े और खतरनाक अंतरराज्यीय नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने एशिया के प्रमुख दवा बाजारों में शुमार भागीरथ पैलेस स्थित एक प्रतिष्ठित फर्म पर अचानक छापेमारी कर लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट जब्त की हैं। जांच आगे बढ़ने पर इस सिंडिकेट के तार उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से जुड़े पाए गए हैं।
भागीरथ पैलेस के तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
मिली गुप्त सूचना और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर ड्रग्स कंट्रोल विभाग की एक विशेष टीम ने भागीरथ पैलेस में संबंधित फर्म के तीन अलग-अलग परिसरों, जिनमें बिक्री केंद्र और गोदाम शामिल हैं, पर गहन तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने Rabies Vaccine, Human I.P. (Purified Vero Cell Rabies Vaccine) – Abhayrab की 481 नकली यूनिट बरामद कीं।
मूल निर्माता कंपनी ने की पुष्टि: पूरी तरह फेक था बैच
मामले की सत्यता जांचने के लिए ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने तेलंगाना स्थित मूल निर्माता कंपनी ‘एम/एस ह्यूमन बायोलॉजिकल इंस्टीट्यूट’ से संपर्क किया। कंपनी के आधिकारिक प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि जब्त किया गया संबंधित बैच उनके द्वारा कभी निर्मित या जारी ही नहीं किया गया था, जिससे साफ हो गया कि यह पूरी तरह नकली और घटिया सामग्री से तैयार वैक्सीन थी।
जांच के लिए कसौली भेजे गए सैंपल
त्वरित कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने 120 वायल (शीशियों) को वैधानिक सैंपल के रूप में जांच के लिए कस्टडी में लिया। शेष 361 यूनिट वैक्सीन और 7 खरीद चालानों (Purchase Invoices) को ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ की धारा 22(1)(C) और 22(1)(CC) के तहत तुरंत सीज कर दिया। एकत्रित किए गए नमूनों को गुणवत्ता और केमिकल एनालिसिस के लिए हिमाचल प्रदेश स्थित **सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRI) कसौली** की लैब में भेजा गया है।
यूपी तक फैली जांच की आंच, कानपुर में भी छापेमारी
पूछताछ के दौरान भागीरथ पैलेस की फर्म ने खुलासा किया कि उसने यह खेप कानपुर की एक मेडिसिन एजेंसी से खरीदी थी। सूचना साझा होते ही उत्तर प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए कानपुर स्थित दो ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। शुरुआती जांच में कानपुर की एजेंसी ने दिल्ली की फर्म को नकली वैक्सीन की खेप सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
स्वास्थ्य मंत्री का कड़ा रुख: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
मामले की संवेदनशीलता पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा रेबीज एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। ऐसी स्थिति में वैक्सीन की गुणवत्ता या सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली और मिलावटी दवाओं के धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ के तहत दोषियों और अंतरराज्यीय सप्लायरों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल दोनों राज्यों की जांच एजेंसियां इस रैकेट के मुख्य सरगना, निर्माण स्थल और पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
