चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के खिलाफ गूगल का बड़ा कदम, सीधे भारत सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026
बच्चों के खिलाफ अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री (CSAM – चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल) के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। गूगल अब भारत में सामने आने वाले ऐसे मामलों की रिपोर्ट सीधे भारत सरकार और भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को सौंपेगा। इससे पहले तक गूगल और अन्य टेक कंपनियां ऐसी रिपोर्ट्स को पहले अमेरिका स्थित एक संस्था को भेजती थीं, जहां से प्रोसेस होने के बाद जानकारी भारत आती थी। इस पुरानी व्यवस्था के कारण कानूनी कार्रवाई में काफी समय बर्बाद होता था।
मेटा के बाद गूगल ने भी बदला अपना सिस्टम
गूगल का यह फैसला सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) द्वारा उठाए गए इसी तरह के कदम के ठीक बाद आया है। पिछले हफ्ते ही मेटा ने चाइल्ड एब्यूज कंटेंट की रिपोर्ट सीधे भारत की पुलिस और साइबर एजेंसियों को देने का ऐलान किया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की थी। अधिकारियों ने कंपनियों को स्पष्ट किया था कि जब किसी बच्चे की सुरक्षा और जान का सवाल हो, तो एक-एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है।
गूगल के एक प्रवक्ता ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा:
“हमारी कंपनी बच्चों के खिलाफ अश्लील कंटेंट की पहचान करने, उसे रोकने, प्लेटफॉर्म से हटाने और रिपोर्ट करने में भारी निवेश करती है। यह नया कदम भारत सरकार के साथ निरंतर चल रही रचनात्मक बातचीत का ही परिणाम है।”
क्या था पुराना सिस्टम और क्यों हो रही थी देरी?
अब तक गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां दुनिया भर से मिलने वाली ऐसी शिकायतों को ‘नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन’ (NCMEC) को भेजती थीं। यह अमेरिका की एक गैर-सरकारी संस्था है। NCMEC में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वहां से इसे संबंधित देश (जैसे भारत) की जांच एजेंसियों या पुलिस को फॉरवर्ड किया जाता था। भारत के अधिकारियों का कहना था कि इस अतिरिक्त प्रक्रिया में काफी कीमती समय नष्ट हो जाता था, जिससे पुलिस अपराधियों तक तुरंत नहीं पहुंच पाती थी। भारत में लागू किया गया यह नया मॉडल अब अमेरिका केंद्रित इस वैश्विक व्यवस्था से पूरी तरह अलग हो गया है।
भारत टेक कंपनियों का सबसे बड़ा बाजार
उल्लेखनीय है कि उपयोगकर्ता (Users) की संख्या के मामले में भारत फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब (Google) जैसी सेवाओं के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। हाल ही में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को लेकर मेटा को भारत सरकार की सख्त नाराजगी का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पिछले हफ्ते मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इसके लिए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना पड़ा था।
एक वैश्विक और गंभीर चुनौती
चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल इंटरनेट पर एक बेहद चिंताजनक और गंभीर अंतरराष्ट्रीय समस्या बनता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल साल 2025 में ही अमेरिका की ‘साइबरटिपलाइन’ को दुनिया भर से 2 करोड़ 13 लाख से अधिक रिपोर्ट्स प्राप्त हुई थीं। अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित दुनिया भर के देश कंपनियों से इस पर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भारत ऐसा पहला प्रमुख देश बन गया है जिसने अपनी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सीधे अपने राष्ट्रीय साइबर तंत्र से जोड़ लिया है।
