CETA
हरियाणा-यूके CETA ट्रेड ब्रिज: मुख्यमंत्री नायब सैनी बोले- प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने में मिलेगी मदद
गुरुग्राम, 15 सितंबर 2026
भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) हरियाणा के उद्योगों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोलने जा रहा है। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में यूके हाई कमीशन के सहयोग से आयोजित ‘हरियाणा-यूके CETA ट्रेड ब्रिज – अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉर्च्युनिटीज फॉर हरियाणा’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस समझौते से राज्य के टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग सेक्टर को ब्रिटेन के बाजार में सीधी पहुंच मिलेगी।
2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इस दिशा में हरियाणा ने देश की अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देने का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2047 में भारत की आजादी के साथ-साथ भारत-यूके संबंधों की भी एक सदी पूरी होगी, जिसे आर्थिक विकास के नए अवसरों में बदला जा रहा है।
अप्रैल 2027 में ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’
राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
-
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: हरियाणा 5 से 7 अप्रैल 2027 तक ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027’ का आयोजन करेगा।
-
अंतरराष्ट्रीय रोड शो: समिट से पहले देश के 7 प्रमुख शहरों के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, यूके, दावोस, ब्राजील, चिली और दुबई में रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
-
मुंबई आउटरीच: 23-24 अगस्त को मुंबई से शुरू हुए अभियान के दौरान 17 कंपनियों के साथ ₹66,000 करोड़ से अधिक के एमओयू (MoU) साइन किए जा चुके हैं।
भविष्य के उद्योगों के लिए 10 नई नीतियां
सीएम सैनी ने बताया कि सेमीकंडक्टर, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल और मेडिकल डिवाइसेज जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए 10 विशेष नीतियां लागू की गई हैं।
-
लक्ष्य (2030-31 तक): ₹5 लाख करोड़ का नया निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार पैदा करना।
-
शुरुआती सफलता: नीतियों की शुरुआत के पहले ही दिन ₹1.10 लाख करोड़ के 110 एमओयू हुए, जिनमें ₹24,350 करोड़ का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) शामिल है।
MSME और ‘गो ग्लोबल’ विजन
प्रदेश में 15 लाख से अधिक पंजीकृत MSME हैं। नई ‘हरियाणा प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ के तहत ₹55,000 करोड़ से अधिक का निवेश जुटाने और निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाने के लिए सरकार ने 2020 में विशेष ‘विदेश सहयोग विभाग’ का गठन किया था।
यूके की कंपनियों के लिए हरियाणा में व्यापक संभावनाएं
कार्यक्रम में मौजूद ब्रिटिश उप उच्चायुक्त (चंडीगढ़) अल्बा स्मेरिग्लियो ने कहा कि CETA समझौते से दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि मानेसर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे औद्योगिक केंद्र ब्रिटेन की कंपनियों के लिए विनिर्माण, तकनीक, वित्तीय सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में निवेश के सबसे बड़े केंद्र साबित होंगे।
