haryana up water mou
चंडीगढ़, 15 सितंबर 2026
वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर आखिरकार संबंधित राज्यों के बीच सहमति बन गई है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में छह राज्यों—हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
हरियाणा के लिए बड़ी उपलब्धि
समझौते के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस विषय को संवाद, आपसी सहयोग और सहमति के जरिए हल किया गया है। सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से यह रास्ता साफ हो सका है।
समझौते से हरियाणा को क्या मिलेगा लाभ?
यमुना नदी के जल में हरियाणा का हिस्सा 48 प्रतिशत है, इसलिए जल की उपलब्धता बढ़ने से सीधे तौर पर प्रदेश को बड़ा फायदा होगा।
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अतिरिक्त जल आपूर्ति: रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ—इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने से कुल 2,676 क्यूसेक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
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हरियाणा का शेयर: इस कुल पानी में से हरियाणा को 1,280 क्यूसेक पानी (लगभग 1,143 MCM शेयर) मिलेगा।
भविष्य की जरूरतों और विकास के लिए अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति और विकास की बुनियादी जरूरत पानी है। बढ़ती आबादी और विकास की रफ्तार के साथ आने वाले वर्षों में पानी की मांग और तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह परियोजना न केवल राज्य की वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
