उत्तराखंड बार्डर पर नेपाल की नदी भारत की बढ़ा रही टेंशन, बारिश हुई तो...
न्यूज़ डेस्क, 07 सितंबर 2026
उत्तराखंड की सीमा से लगे नेपाल के दार्चुला जिले के अपिहिमाल क्षेत्र के भट्टाड़ में भारी भूस्खलन से चमेलिया नदी का प्रवाह बाधित हो गया है. बताया जा रहा है कि चमेलिया नदी का प्रवाह बाधित होने के कारण नेपाल में कृत्रिम झील बनने लगी है. लगातार बारिश के बीच मलबा बढ़ने से नदी पूरी तरह अवरुद्ध होने की आशंका जताई जा रही है.
सबसे बड़ी आशंका इसी बात की है कि भूस्खलन से बना प्राकृतिक बांध अचानक टूटता है तो जमा पानी तेज बहाव के साथ नीचे आ सकता है और चमेलिया के रास्ते काली नदी में पहुंचकर भारत के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा कर सकता है.
चमेलिया नदी भारत के गेठीगाड़ा क्षेत्र के पास काली नदी में मिलती है, जिसके बाद नदी झूलाघाट और पंचेश्वर की ओर बहती है. खतरे को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है. भारतीय क्षेत्र में भी नदी के जलस्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है.
फिलहाल जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार शुक्रवार को नेपाल के सीमांत दार्चुला जिले में अपि हिमाल गांव पालिका के वार्ड नंबर-1 भट्टाड़ में भारी बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन हुआ है. पहाड़ी दरकने से चमेलिया नदी का बहाव रुक गया और वहां एक बड़ी झील बन गई. हालांकि दो दिन बाद झील का जलस्तर कम हो जाने से स्थिति थोड़ी सामान्य हो गई. अभी भी क्षेत्र में भूस्खलन होने से खतरा नहीं टला है.
अपि हिमाल गांव पालिका के अध्यक्ष भगत सिंह ठेकरे बोहरा ने बताया कि क्षेत्र में भूस्खलन अभी भी लगातार हो रहा है. फिलहाल मलबा नदी तक नहीं पहुंच रहा है, लेकिन लगातार बारिश जारी रहने से पहाड़ी का कोई बड़ा हिस्सा टूटकर चमेलिया नदी के बहाव को फिर से रोक सकता है.खतरे को देखते हुए शुक्रवार को ही गांव पालिका अध्यक्ष भगत सिंह ठेकरे बोहरा और भट्टाड़ के वार्ड अध्यक्ष प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान घोरसाड में बने वार्ड अध्यक्ष के सरकारी मकान में शिफ्ट कर दिया गया. विस्थापित परिवारों के पालतू जानवरों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया.
भूस्खलन के बाद सशस्त्र बल बलाच बेस कैंप के डीएसपी पुष्कर सिंह के नेतृत्व में जवानों की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री, कंबल, तिरपाल और दवाइयां बांटीं. साथ ही हिदायत दी कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, वे इसी सुरक्षित स्थान पर रहें. वहीं, दार्चुला के मुख्य जिला अधिकारी वर्त राज पौडेल ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति सामान्य है. इधर भारत में भी काली नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है.
