गुरुग्राम,हरियाणा(Patarkar Desk)-गुरुग्राम में अब ग्रीन बेल्ट रोकेगी बारिश का पानी, जलभराव से निपटने के लिए GMDA का नया प्लान
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में बारिश के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव की समस्या को कम करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) सड़क निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को भी जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत सड़क किनारे मौजूद ग्रीन बेल्ट को वर्षा जल संचयन के लिए उपयोग करने की योजना है।
GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीसी मीणा ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से नीचे रखा जाए। इससे बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा होने के बजाय ग्रीन बेल्ट में पहुंच सकेगा और उसे जमीन में उतारने की व्यवस्था की जाएगी।
सनाथ रोड के बायो-स्वेल मॉडल को दूसरे हिस्सों में लागू करने की तैयारी
इस योजना के लिए सनाथ रोड पर तैयार किए गए बायो-स्वेल मॉडल को आधार बनाया जाएगा। सनाथ रोड पर सड़क के साथ ग्रीन बेल्ट का स्तर नीचे रखा गया है। बारिश होने पर पानी पहले इसी हिस्से में पहुंचता है। इसके बाद बायो-स्वेल में पानी रुकता है और फिर आगे सरफेस ड्रेन में चला जाता है।
इस तकनीक से सड़क पर बारिश के पानी का सीधा बहाव कम होता है और पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने में भी मदद मिलती है। GMDA अब सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के दौरान इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी कर रहा है।
पहले छोटे हिस्से में होगा प्रयोग, सफल होने पर बढ़ाया जाएगा काम
GMDA के CEO ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी सड़क, स्लिप रोड, ग्रीन बेल्ट या अन्य विकास कार्य को शुरुआत में बड़े स्तर पर शुरू न किया जाए। पहले छोटे हिस्से में इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच की जाएगी।
यदि तैयार किया गया नमूना संतोषजनक पाया जाता है, तभी पूरे क्षेत्र में उसी डिजाइन के अनुसार काम कराया जाएगा। इसका उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही खराब गुणवत्ता या गलत डिजाइन वाले कार्यों की पहचान कर उन्हें रोकना है।
लापरवाही करने वाली एजेंसियों का भुगतान रोका जाएगा
विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर GMDA ने निर्माण एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी है। CEO ने स्पष्ट किया कि बिना निरीक्षण और स्वीकृति के काम आगे बढ़ाने वाली एजेंसी के बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा।
यदि किसी निर्माण एजेंसी का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
फुटपाथों की स्थिति जांचने के लिए पैदल निरीक्षण करेंगे इंजीनियर
गुरुग्राम में फुटपाथों की स्थिति सुधारने के लिए इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में पैदल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी खुद फुटपाथों पर चलकर यह देखेंगे कि राहगीरों को कहां परेशानी हो रही है और किन स्थानों पर कब्जे की समस्या है।
बैठक के दौरान ‘म्हारी सड़क’ पोर्टल पर दर्ज सड़क संबंधी शिकायतों की भी समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य अभियंता हेमंत कुमार, अधीक्षक अभियंता प्रवीण कुमार और सुधीर रांसीवाल, आईटी हेड सुशील कुमार सहित कार्यकारी अभियंता मौजूद रहे।
107.3 मिमी बारिश में जमा हो सकता है 26.90 करोड़ लीटर पानी
नगर निगम गुरुग्राम की ओर से IIT गांधीनगर से कराए गए तकनीकी अध्ययन में शहर के तीन प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया गया है। अध्ययन के अनुसार, 107.3 मिमी बारिश होने पर राजीव चौक, सुभाष चौक और शीतला माता रोड के 500 मीटर दायरे में कुल 26.90 करोड़ लीटर पानी जमा होने का अनुमान है।
इनमें शीतला माता रोड पर सबसे ज्यादा 10.80 करोड़ लीटर, राजीव चौक पर 8.42 करोड़ लीटर और सुभाष चौक पर 7.68 करोड़ लीटर पानी जमा होने का अनुमान है।
शीतला माता रोड पर जलभराव की गहराई 0.32 से 0.55 मीटर तक पहुंच सकती है। यहां जमा पानी की निकासी में करीब 4.2 घंटे का समय लगने का अनुमान है।
जलभराव वाले स्थानों पर अलग से बनेगी जल संचयन व्यवस्था
जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी को रोककर उसका उपयोग भूजल स्तर बढ़ाने के लिए करने की योजना है। इसके तहत सुभाष चौक पर भूमिगत जल भंडारण टैंक बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
वहीं राजीव चौक और शीतला माता रोड पर वर्षा जल संचयन के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। इन स्थानों पर जमा किए जाने वाले पानी को भूजल में पहुंचाने से पहले छह स्तर की सफाई और गुणवत्ता जांच की जाएगी। इससे बारिश के पानी को सुरक्षित तरीके से जमीन के भीतर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
