चंडीगढ़(Patarkar Desk)-हरियाणा में इस बार धान की रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना के बीच राज्य सरकार ने किसानों की पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से खरीद कोटा बढ़ाने की मांग की है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर हरियाणा के लिए धान खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया।
बैठक में विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जे. गणेशन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राजेश नागर ने केंद्र से हरियाणा में कम से कम 65 लाख टन धान खरीद की मंजूरी देने की मांग रखी।
अभी 58 लाख टन खरीद की मंजूरी
राज्य सरकार ने पहले केंद्र से करीब 60 लाख टन धान खरीद की अनुमति मांगी थी, लेकिन फिलहाल केंद्र की ओर से हरियाणा के लिए 58 लाख टन खरीद का कोटा मंजूर किया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि यदि इस बार उत्पादन अनुमान के मुताबिक अधिक रहा तो मंडियों में धान की आवक बढ़ने से खरीद व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
चावल का खरीद कोटा घटने से भी चिंता
बैठक में हरियाणा सरकार ने धान के साथ-साथ चावल के खरीद कोटे में हुई कमी का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। राज्य सरकार के अनुसार केंद्र ने चावल खरीद का कोटा करीब 8 लाख टन कम किया है।
सरकार का तर्क है कि जब प्रदेश में धान की उपलब्धता अधिक रहने की संभावना है, ऐसे समय चावल का कोटा कम होने से खरीद के साथ-साथ उसके उठान और भंडारण की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
17.41 लाख हेक्टेयर में हुई धान की रोपाई
इस वर्ष हरियाणा में करीब 17.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हुई है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में धान उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
– 2021-22: 82.29 लाख टन
– 2022-23: 88.20 लाख टन
– 2023-24: 94.20 लाख टन
– 2024-25: 92.99 लाख टन
– 2025-26: करीब 97.86 लाख टन उत्पादन का अनुमान
इस बार अनुमानित उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। इसी वजह से राज्य सरकार खरीद कोटा बढ़ाने पर जोर दे रही है।
केंद्र से सकारात्मक रुख की उम्मीद
केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक के बाद राजेश नागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हरियाणा की मांग पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश का धान खरीद कोटा बढ़ाया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि खरीद कोटा बढ़ने से रिकॉर्ड उत्पादन की स्थिति में किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी नहीं होगी और मंडियों में खरीद व्यवस्था भी सुचारु रूप से चल सकेगी।
