बीजिंग (Patarkar Desk) – चीनी अधिकारियों ने बताया कि 26 अगस्त को नेपाल और तिब्बत के बीच मुख्य बॉर्डर क्रॉसिंग में से एक, जियारोंग पोर्ट पर आई बड़ी बाढ़ के बाद 49 भारतीयों समेत 261 विदेशी नागरिक अभी भी लापता हैं। सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने जियारोंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 261 विदेशी नागरिक 23 देशों से हैं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस विदेश मामलों, पब्लिक सिक्योरिटी, कल्चर और टूरिज्म और इमरजेंसी मैनेजमेंट के अधिकारियों द्वारा मिलकर की गई खोज और जानकारी इकट्ठा करने के बाद की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी लापता लोगों में नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18, ब्रिटेन के 15, कनाडा के छह, ऑस्ट्रेलिया के छह और साउथ अफ्रीका के चार नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन, आयरलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के दो-दो और कजाकिस्तान, फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी के एक-एक नागरिक के लापता होने की खबर है। चीन और भारत के बीच रिश्ते बेहतर होने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा में हिस्सा लेने के लिए तिब्बत पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बाढ़ के समय कुछ भारतीय तीर्थयात्री तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर मौजूद इमिग्रेशन बिल्डिंग में मौजूद थे। इस बाढ़ ने तिब्बत के जियारोंग काउंटी में भारी तबाही मचाई। बाढ़ में डूबी पूरी इमिग्रेशन बिल्डिंग के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।
