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गाजियाबाद, 09/10/2026
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर परेड और समारोह को संबोधित किया. उन्होंने आश्वस्त किया कि भारतीय वायुसेना पूरी तरह सतर्क, समर्पित और किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए वायुसेना की गति, विनाशकारी मारक क्षमता और अचूक हवाई रक्षा प्रणालियों की सराहना की तथा आधुनिक युद्धक्षेत्र में वायुशक्ति को सर्वोपरि करार दिया. वायुसेना दिवस परेड के दौरान हिंडन एयर बेस पर अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, रडार प्रणालियों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे.
अभ्यासों के जरिए वास्तविक युद्ध की तैयारी
एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना ‘हम जैसा लड़ते हैं, वैसा ही प्रशिक्षण लेते हैं’ के सिद्धांत पर काम करती है. उन्होंने कहा कि परिचालन ढांचे में आधुनिक प्रौद्योगिकियों को शामिल करने और युद्ध की तैयारियों को परखने के लिए ‘वायुशक्ति’, ‘ड्रोनाथॉन’ और बहुपक्षीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का आयोजन लगातार किया जा रहा है.
एआई, ऑटोनॉमस सिस्टम और आत्मनिर्भरता पर जोर
वायुसेना प्रमुख ने बल के आधुनिकीकरण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इनोवेशन को महत्वपूर्ण बताया
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निर्णय क्षमता में सुधार: एआई का उपयोग कमान स्तर पर भारी डेटा का त्वरित विश्लेषण करने और सटीक परिचालन फैसले लेने के लिए किया जा रहा है.
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मैन-इन-द-लूप दृष्टिकोण: ऑटोनॉमस प्रणालियों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि अंतिम मानवीय नियंत्रण बना रहे और एआई के जरिए सैन्य क्षमता में वृद्धि हो.
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स्वदेशी हथियार प्रणालियां: ‘आत्मनिर्भरता’ को मार्गदर्शक सिद्धांत बताते हुए उन्होंने स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स जैसे तेजस, एएमसीए (AMCA), ध्रुव व प्रचंड हेलीकॉप्टर, अस्त्र मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस और ब्रह्मोस का विशेष रूप से जिक्र किया.
अंतरिक्ष क्षमताएं और तीनों सेनाओं का सामंजस्य
वायुसेना प्रमुख ने अंतरिक्ष को हवाई क्षेत्र का ही एक स्वाभाविक विस्तार बताते हुए कहा कि इसरो (ISRO) के साथ मिलकर क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें गगनयान मिशन में वायुसेना की भूमिका अहम है. उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान चलाए जाने वाले मानवीय सहायता और राहत (HADR) अभियानों को बल की प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग बताया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने थलसेना और नौसेना के साथ संयुक्त योजना बनाने व एकीकृत अभियानों को अंजाम देने पर बल दिया, जिससे एक अधिक संगठित और सशक्त सैन्य बल का निर्माण हो सके.
राष्ट्रीय नेतृत्व ने दी शुभकामनाएं
94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायु योद्धाओं को शुभकामनाएं दीं
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ व आपदा राहत कार्यों में वायुसेना के योगदान की सराहना की.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: X पर वीडियो संदेश साझा करते हुए वायु योद्धाओं के साहस, समर्पण और राष्ट्र रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को नमन किया.
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विपक्ष के नेता राहुल गांधी: भारतीय वायुसेना के वीरों की निस्वार्थ सेवा, साहस और बलिदानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सलाम किया.
