Harjot Singh Bains
चंडीगढ़, 8 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ ने तकनीकी शिक्षा में नेतृत्व और शासन को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के 34 कर्मचारियों ने 3-7 अगस्त, 2026 तक प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आई.आई.एम.) अहमदाबाद में पांच दिवसीय रेजिडेंशियल “इंस्टीट्यूशनल लीडरशिप एंड परफॉर्मेंस एक्सीलेंस प्रोग्राम” सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इस कार्यक्रम में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों और सरकारी आई.टी.आईज के प्रिंसिपलों तथा विभागों के प्रमुखों सहित तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
यह पहल ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का ही हिस्सा थी, जो राज्य सरकार का एक व्यापक शिक्षा सुधार एजेंडा है, जिसका उद्देश्य स्कूलों, पॉलिटेक्निकों और आई.टी.आईज में विश्व स्तरीय लर्निंग इकोसिस्टम तैयार करना है।
इस उद्देश्य के तहत राज्य सरकार ने उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच के अंतर को समाप्त तथा कार्यस्थल के आधुनिक वातावरण में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक सेमेस्टर की अवधि के बराबर इंटर्नशिप शुरू की है; शिक्षण पद्धतियों और अकादमिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 के अनुसार वार्षिक न्यूनतम 40+ घंटे की फैकल्टी ट्रेनिंग लागू की है; और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा मशीनरी के नवीनीकरण के माध्यम से पॉलिटेक्निक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाना शुरू किया है, जिसके तहत छह सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को पहले ही अपग्रेड किया जा चुका है और अन्य संस्थानों को भी चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा।
प्रिंसिपलों और वरिष्ठ अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता को निखारना इन सुधारों का एक प्रमुख आधार माना गया है, ताकि सरकारी तकनीकी संस्थानों का नेतृत्व आत्मविश्वासी, अनुभवी और भविष्य के लिए तैयार संस्थागत नेताओं द्वारा किया जा सके।
पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत आई.आई.एम. अहमदाबाद में यह कार्यक्रम इसी नेतृत्व-केंद्रित दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम विशेष रूप से सरकारी पॉलिटेक्निकों और आई.टी.आईज के प्रिंसिपलों तथा विभागों के प्रमुखों के लिए तैयार किया गया था। प्रतिभागियों ने आई.आई.एम. अहमदाबाद की फैकल्टी द्वारा केस-आधारित चर्चाओं, वास्तविक संस्थागत उदाहरणों, सिमुलेशन, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और व्यावहारिक विचार-विमर्श जैसे प्रभावशाली तरीकों का उपयोग करके तैयार किए गए 20 केंद्रित प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया।
इन सत्रों में सार्वजनिक तकनीकी शिक्षा में संस्थागत नेतृत्व और शासन, डेटा-आधारित निर्णय लेने की कला और प्रदर्शन प्रबंधन, मजबूत औद्योगिक संबंधों और प्लेसमेंट इकोसिस्टम का निर्माण, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और कार्यस्थल के लिए तैयारी को मजबूत करना तथा फैकल्टी को प्रेरित करके और उच्च-प्रदर्शन वाली टीमें बनाकर बदलाव का नेतृत्व करना आदि विषयों को कवर किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों और संस्थागत नेताओं के लिए एक्सपोजर प्रोग्राम पंजाब के स्कूलों और तकनीकी संस्थानों दोनों के लिए शिक्षा सुधारों की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रिंसिपल और वरिष्ठ अधिकारी आई.आई.एम. अहमदाबाद जैसे विश्व स्तरीय मान्यता प्राप्त संस्थानों से सीखकर वापस आते हैं तो वे नए विचारों, नवाचारपूर्ण प्रथाओं तथा नई ऊर्जा और प्रेरणा के साथ लौटते हैं। इससे न केवल विश्व स्तरीय सरकारी पॉलिटेक्निक और आई.टी.आई. बनाने के मिशन को मजबूती मिलती है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, ‘‘यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के सपने और हमारे विश्वास को दर्शाती है कि सशक्त प्रिंसिपल और संस्थागत नेता एक सफल तकनीकी शिक्षा प्रणाली की रीढ़ होते हैं। हमारे प्रिंसिपलों और विभाग प्रमुखों को आई.आई.एम. अहमदाबाद जैसी विश्व स्तरीय संस्था में सीखने का अवसर देकर हम अपने कक्षाओं, वर्कशॉप और प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं में वास्तविक बदलाव लाने के लिए उनके नेतृत्व, आत्मविश्वास और क्षमता में निवेश कर रहे हैं।’’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा क्षेत्र में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
प्रतिभागियों ने आई.आई.एम. अहमदाबाद कार्यक्रम को अपने पेशेवर सफर का मील का पत्थर बताया, जो स्कूल प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों के पुराने समूहों की तरह है। सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खूनीमाजरा की प्रिंसिपल रकशा किरण ने बताया कि संस्थागत नेतृत्व और उद्योग साझेदारी पर आयोजित सत्र उन्हें फैकल्टी और विद्यार्थियों को प्रेरित करने तथा इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के लिए कंपनियों के साथ सहयोग को मजबूत करने हेतु नई रणनीतियां प्रदान करेंगे। उनका मानना है कि आई.आई.एम. अहमदाबाद में मेरा अनुभव नेतृत्व के प्रति मेरी समझ का ‘नया मोड़’ है।
सरकारी आई.टी.आई. बस्सी पठाना के प्रिंसिपल कुलदीप सिंह ने जोर देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्था में वास्तविक समय की समस्या-समाधान प्रक्रिया, संस्थान की डेटा-केंद्रित योजना और केस-आधारित प्रशिक्षण प्राप्त करना उन्हें अधिक जवाबदेह, विद्यार्थी-केंद्रित संस्थानों का नेतृत्व करने के अलावा इस महत्वपूर्ण जानकारी को पंजाब भर के प्रशिक्षण ढांचे तक पहुंचाने में भी मदद करेगा।
यह प्रशिक्षण आई.आई.टी. रोपड़, आई.आई.एम. अमृतसर, आई.आई.एस.ई.आर. और एन.आई.एफ.टी. आदि संस्थानों में अकादमिक वर्ष 2026-27 के दौरान आयोजित की जा रही फैकल्टी और नेतृत्व विकास पहलों की व्यापक श्रृंखला के साथ-साथ टाटा स्टील जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ उद्योग संपर्क के अवसर प्रदान करने की व्यापक श्रृंखला का हिस्सा था। ये साझेदारियां पंजाब के 26 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों और 137 सरकारी आई.टी.आईज में दूरदर्शी नेताओं का एक कैडर तैयार करने में मदद कर रही हैं, ताकि संस्थागत सुधार को और आगे बढ़ाकर विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जा सके।
इस पहल के साथ पंजाब सरकार ने तकनीकी शिक्षा में दूरदर्शी संस्थागत नेतृत्व को प्रोत्साहित करने और आधुनिक, कुशल तथा विद्यार्थी-केंद्रित पॉलिटेक्निक एवं आई.टी.आई. प्रणाली बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जो पंजाब शिक्षा क्रांति की वास्तविक भावना को प्रस्तुत करती है।
