अमृतसर, 06/10/2026
एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों का अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, फूलों की मालाओं और गुलदस्तों के साथ स्थानीय खेल प्रेमियों, पंजाब हॉकी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों का अभिनंदन किया।
मलेशिया को 5-1 से हराकर ओलंपिक का सीधा टिकट किया हासिल
मीडिया से बातचीत करते हुए खिलाड़ियों ने बताया कि टूर्नामेंट में उनका मुख्य लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफाई करना था। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन रणनीति और एकजुटता का परिचय देते हुए मलेशिया को 5-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। हाफ टाइम तक मुकाबला 2-1 से काफी कड़ा था, लेकिन दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार तीन गोल कर जीत पक्की की। खिलाड़ियों ने कहा कि पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान सुनना जीवन के सबसे भावुक और गर्व महसूस कराने वाले क्षणों में से एक था।
“बेटियों का जन्म लाया सौभाग्य”: कप्तान हरमनप्रीत सिंह
टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस ऐतिहासिक जीत को पूरी टीम की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासन का परिणाम बताया। अपनी व्यक्तिगत खुशी साझा करते हुए उन्होंने कहा “मेरे परिवार पर ईश्वर की असीम कृपा रही है। पहले जब बड़ी बेटी का जन्म हुआ था, तब भी हमने गोल्ड जीता था, और अब दूसरी बेटी के जन्म पर हमने फिर से गोल्ड मेडल जीता है। मैं बेटियों का पिता बनकर बेहद खुश और खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ।” कप्तान ने कहा कि ओलंपिक का सीधा टिकट मिलने से टीम को अपनी कमियों पर काम करने और आगामी तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
युवाओं को खेल से जुड़ने का संदेश
खिलाड़ियों ने देश और पंजाब के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे भटकन और नशे से दूर रहें, खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और कड़ी मेहनत व अनुशासन को सफलता का हथियार बनाएं।
स्वागत व्यवस्था पर गरमाई राजनीति
खिलाड़ियों की वापसी के मौके पर प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने खिलाड़ियों को बधाई देने के साथ-साथ पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के स्वागत के लिए न तो कोई सरकारी प्रतिनिधि मौजूद था और न ही एयरपोर्ट पर कोई स्वागत बोर्ड या होर्डिंग लगाए गए थे। औजला ने बताया कि वे खुद दिल्ली की फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर थे, जब उन्हें अचानक टीम के आगमन की जानकारी मिली।
