न्यूज डेस्क, 29 जून 2026
सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव की आराधना का महापर्व ‘सावन’ इस वर्ष बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्लभ होने जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस बार सावन की शुरुआत आयुष्मान योग में हो रही है, जो श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि करेगा.इस साल सावन के महीने में गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से एक अत्यंत कल्याणकारी ‘त्रिग्रही योग’ का निर्माण हो रहा है. यह महासंयोग मुख्य रूप से मेष, कर्क, मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलेगा. नौकरीपेशा लोगों को उच्च पद और व्यापारियों को अप्रत्याशित धन लाभ होने के प्रबल संकेत है
मेष राशि के जातकों के लिए यह सावन वरदान की तरह है. कार्यक्षेत्र में आपके प्रदर्शन की सराहना होगी और लंबे समय से अटका हुआ प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर इस महीने मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में भारी सुधार होगा और रुका हुआ धन वापस मिलेगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होगी और शत्रु परास्त होंगे.
कर्क राशि के जातकों के लिए मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के प्रबल योग हैं. यदि आप लंबे समय से भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे, तो इस सावन आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. पारिवारिक जीवन में चल रहा पुराना मनमुटाव खत्म होगा और जीवनसाथी के साथ संबंध और अधिक मधुर होंगे.
त्रिग्रही योग के शुभ प्रभाव से मिथुन राशि के व्यापारियों के लिए यह समय स्वर्णिम रहेगा. व्यापार के विस्तार के लिए कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. जो युवा नई नौकरी या प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इस महीने कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा.
कन्या राशि के जातकों के लिए सावन का महीना आर्थिक रूप से बेहद मजबूत साबित होने वाला है. आपको अचानक से गुप्त धन या पैतृक संपत्ति मिलने के योग हैं. बिजनेस के सिलसिले में की गई यात्राएं अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होंगी. नया काम शुरू करने के लिए यह समय सबसे उत्तम है.
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना सोया हुआ भाग्य जगाने वाला है. आपके बिगड़े काम स्वतः ही बनने लगेंगे. यदि आप किसी पुरानी और गंभीर बीमारी से परेशान थे, तो इस महीने उससे बड़ी राहत मिलेगी. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा.
इस वर्ष सावन में 17 अगस्त 2026 को तीसरा सोमवार है और इसी दिन नागपंचमी भी है. सोमवार और नागपंचमी का यह दुर्लभ मेल इन भाग्यशाली राशियों की कुंडली से राहु-केतु के दोषों और कालसर्प दोष को शांत करने के लिए अचूक माना जा रहा है. इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी रहेगा.

