नई दिल्ली, 05/10/2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) द्वारा सिख धर्म के संस्थापक धन-धन श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस को समर्पित आज ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक प्याऊ साहिब में एक विशेष गुरमत समागम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सत्कार और पूर्ण गुरु-मर्यादा के अनुसार किया गया।
गुरुघर में शीश नवाया और संगत के दर्शन किए
समागम के दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका तथा महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने गुरुद्वारा नानक प्याऊ साहिब में नतमस्तक होकर श्री गुरु नानक देव जी के चरणों में अपनी गहरी श्रद्धा और नमन व्यक्त किया। इस पावन अवसर पर DSGMC के विभिन्न सदस्य साहिबान भी उपस्थित रहे और उन्होंने बड़ी संख्या में जुटी संगत के साथ गुरुघर में हाजिरी भरी।
सर्व-साझीवालता और मानवता का संदेश
इस अवसर पर संबोधित करते हुए DSGMC के शीर्ष नेतृत्व सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा “श्री गुरु नानक देव जी की पावन शिक्षाएं पूरी मानवता को सत्य, नाम सिमरन, किरत करने (ईमानदारी की कमाई), वंड छकने (अन्न-धन बांटने) और आपसी भाईचारे का कालजयी संदेश देती हैं। गुरु साहिब द्वारा दर्शाया गया सर्व-साझीवालता और निष्काम मानव सेवा का मार्ग आज भी पूरे समाज के लिए एक दीपस्तंभ की तरह मार्गदर्शन कर रहा है।” समागम के दौरान रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया गया तथा विश्व शांति व मानवता की भलाई के लिए अरदास की गई।
