करनाल। 27/06/2026
सरकारी धान में करोड़ों के गबन के मामले में SIT का शिकंजा कसता जा रहा है. 1005 मीट्रिक टन धान कम मिलने के मामले में अब राइस मिल मालिक नसीब सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले फूड सप्लाई विभाग का एक इंस्पेक्टर भी गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर करोड़ों रुपये कीमत का धान गया तो गया कहां.
करनाल में सामने आए बहुचर्चित धान घोटाले में SIT ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए राइस मिल मालिक नसीब सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. मामला उस धान का है जिसे सरकारी खरीद एजेंसियों ने चावल तैयार करने के लिए राइस मिल को सौंपा था. लेकिन फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
धान सीजन के दौरान सरकारी एजेंसियां किसानों से खरीदा गया धान राइस मिलर्स को देती हैं, ताकि उससे चावल तैयार कर सरकार को वापस दिया जा सके. इसी प्रक्रिया के तहत शेखपुरा खालसा स्थित एक राइस मिल की जांच की गई. जांच में 1005 मीट्रिक टन धान कम पाया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ 61 लाख रुपये आंकी गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए फूड सप्लाई विभाग ने पुलिस को शिकायत दी. शिकायत मिलने के बाद SIT गठित की गई और विस्तृत जांच शुरू हुई. जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता गया.
जांच के शुरुआती चरण में फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर रणधीर को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद SIT ने साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर राइस मिल मालिक नसीब सिंह की भूमिका की भी जांच की. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नसीब सिंह ने फूड सप्लाई विभाग के पास 2 करोड़ 47 लाख रुपये जमा करवाए हैं. हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि केवल राशि जमा होने से मामला समाप्त नहीं होता. मुख्य सवाल अब भी यही है कि 1005 मीट्रिक टन धान आखिर कहां गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी राइस मिल मालिक को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. SIT अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी धान के कथित गबन में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. करोड़ों रुपये कीमत का सरकारी धान गायब होना केवल एक वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी भंडारण और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है.
वहीं करनाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना तय है. मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
