सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट 17.29 करोड़ नकली नोट मामला: NIA के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी का करीबी नीतू, अब तक 5 गिरफ्तार
सहारनपुर, 23 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़े 17.29 करोड़ रुपये के विशालकाय नकली नोट सिंडिकेट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एनआईए ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र से नीतू (पुत्र सरफराज) को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में नीतू की गिरफ्तारी के बाद अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या पांच हो गई है। एनआईए अधिकारियों के अनुसार, नीतू इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड व मुख्य आरोपी आदेश चौधरी और उसके गिरोह का बेहद करीबी सहयोगी है।
29 अगस्त को हुआ था चौंकाने वाला खुलासा
यह सनसनीखेज मामला पहली बार 29 अगस्त 2026 को सामने आया था। शुरुआत में सदर बाजार थाना पुलिस को पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 7.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने की सूचना मिली थी। हालांकि, जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ा, नकली नोटों का यह आंकड़ा बढ़कर 17.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएनबी प्रबंधन ने शुरुआती जांच में संदिग्ध पाए गए अपने 3 बैंक कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया था।
यूपी पुलिस से एनआईए (NIA) के पास पहुंची जांच
मामले की कानूनी समयसीमा और अब तक हुई बड़ी गिरफ्तारियां इस प्रकार हैं:
-
29 अगस्त 2026: सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178 के तहत पहली एफआईआर दर्ज की गई।
-
03 सितंबर 2026: मामले के देशव्यापी नेटवर्क और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए एनआईए ने केस को टेकओवर किया और इसे RC-02/2026/NIA/LKW के रूप में पुनः दर्ज किया।
-
07 सितंबर 2026: एनआईए ने एफआईआर में नामजद आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर पहली बड़ी सफलता हासिल की।
-
15 सितंबर 2026: एजेंसी ने मुख्य आरोपी आदेश चौधरी को धर दबोचा। आदेश पीएनबी की सहारनपुर करेंसी चेस्ट में संविदा पर ड्राइवर रह चुका था, जिसे बैंक के सुरक्षा रूटीन और आवाजाही की पूरी जानकारी थी।
-
20 सितंबर 2026: एनआईए ने आदेश चौधरी के दो अन्य मुख्य सहयोगियों मुकेश कुमार (निवासी हसनपुर कदीम, सहारनपुर) और राजेंद्र कुमार (निवासी कल्याणपुर, सरसावा) को गिरफ्तार किया।
-
23 सितंबर 2026 (मंगलवार): हरिद्वार से नीतू की गिरफ्तारी के साथ ही पांचवीं बड़ी सफलता मिली।
एनआईए की जांच के 3 सबसे बड़े और अहम सवाल
-
क्या असली नोटों की जगह रखे गए नकली नोट?जांच एजेंसी इस एंगल पर खास जोर दे रही है कि क्या 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट बाहर से सीधे चेस्ट में जमा किए गए या फिर चेस्ट में रखे असली नोटों को निकालकर साजिश के तहत उनकी जगह नकली नोटों का बंडल सेट कर दिया गया।
-
बैंकिंग सिस्टम में सेंध और बाहरी नेटवर्क:एनआईए बैंक के भीतर की भूमिका (निलंबित कर्मियों) से आगे बढ़कर उन बाहरी सप्लायरों, प्रिंटिंग प्रेस और कूरियर नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी है, जिन्होंने इतनी बड़ी रकम की खेप तैयार की।
-
क्या एटीएम और अन्य शाखाओं तक पहुंची करेंसी?एजेंसी इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं इस जाली नेटवर्क का इस्तेमाल करके नकली नोटों की आपूर्ति अन्य बैंक शाखाओं, करेंसी चेस्टों या फिर शहर के एटीएम (ATMs) तक तो नहीं कर दी गई।
एनआईए अधिकारियों का कहना है कि नीतू से पूछताछ के जरिए नकली नोटों के मुख्य स्रोत (Source of FAKE Currency) और सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया जाएगा। एजेंसी का मुख्य लक्ष्य इस पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
