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नई दिल्ली, 1/10 /2026
लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित गठबंधन की हाई-लेवल बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक के दौरान अक्टूबर और नवंबर महीने में देशभर में पांच विशाल संयुक्त रैलियां करने और ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर सहमति जताई गई।
‘लोकतंत्र बर्बाद करने वालों को सजा मिलेगी’: राहुल गांधी
बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का जनता से पक्का वादा है कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
“चाहे कोई कितना भी सीनियर हो या किसी भी पद पर हो, भारतीय लोकतंत्र इस देश के हर व्यक्ति से बड़ा है। विपक्ष जनता तक यह संदेश पहुंचाने में सफल रहा है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। युवाओं और आम नागरिकों के भीतर इस अन्याय के खिलाफ विरोध की एक नई लहर पैदा हुई है।” — राहुल गांधी
सीईसी का मांगा इस्तीफा, चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी सिर्फ मोहरे हैं, जिन्हें सत्ता में बैठे लोग अपनी उंगलियों पर नचा रहे हैं।
इसके साथ ही खड़गे ने मांग रखी कि भविष्य के सभी चुनावों में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) से पहले वाली वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम लिस्ट से न कटे।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “लोकतंत्र और लोगों के वोटिंग अधिकारों को बचाना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है। अगर लोगों के वोट लूटे जाएंगे तो देश किस दिशा में जाएगा?”
इंडिया गठबंधन का ‘एक्शन प्लान’
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2 से 8 अक्टूबर (लोकतंत्र बचाओ मार्च): देशभर में जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला जाएगा।
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6 अक्टूबर (चुनाव आयोग मार्च): विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च करेंगे और इसके बाद राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे।
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1 नवंबर (दिल्ली में महारैली): दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित होगी, जिसके बाद अक्टूबर-नवंबर के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 अन्य विशाल रैलियां होंगी।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), राजद, वामदल (CPM/CPI), नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झामुमो समेत 19 से अधिक विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
