न्यूज डेस्क, 25/05/2026
भारत में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में करीब 87 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जबकि डीजल भी लगभग 91 पैसे महंगा हुआ है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में पहले से ही पेट्रोल के दाम काफी ऊंचे हैं और नई वृद्धि के बाद वाहन चालकों की चिंता और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल इसका प्रमुख कारण है। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के चलते क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में थोड़ी सी हलचल भी सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार तेल कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कंपनियों को रोजाना करोड़ों रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था, जिसके बाद कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। हालांकि सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर की तुलना में भारत में ईंधन कीमतों में वृद्धि अभी भी काफी कम है।
पेट्रोल और डीजल महंगे होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने लगती है। इसका सीधा असर आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ता है। टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि जनता पहले से महंगाई से परेशान है और ऐसे समय में ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। वहीं सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने अन्य देशों की तुलना में कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल और महंगे हो सकते हैं। ऐसे में आम जनता को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।
