National Voluntary Blood Donation Day: Punjab Health Minister Dr. Balbir Singh honored blood donors, NGOs, and blood centers.
चंडीगढ़ 05/10/2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में रक्तदाताओं, समाजसेवी संस्थाओं (एनजीओ) और ब्लड सेंटरों को सम्मानित किया।
यह भव्य समारोह चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन में आयोजित किया गया, जहाँ डॉ. बलबीर सिंह ने पंजाब स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की एक विशेष स्मारिका भी जारी की।
पंजाब की बड़ी उपलब्धियाँ
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देश में तीसरा स्थान: केंद्र सरकार के ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल पर प्रति दस लाख आबादी के अनुपात में स्वैच्छिक रक्तदान के मामले में पंजाब ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
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पुनः रक्तदान में अव्वल: बार-बार रक्तदान करने वाले स्वैच्छिक रक्तदाताओं की संख्या में पंजाब देश का नेतृत्व कर रहा है।
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सरकारी सेंटरों का योगदान: वर्ष 2025-26 के दौरान 6,583 रक्तदान शिविरों से कुल 5,44,167 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। सरकारी ब्लड सेंटरों में एकत्रित 1,78,382 यूनिट रक्त में से 99.6% (1,77,583 यूनिट) स्वैच्छिक दान से प्राप्त हुआ।
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मजबूत ढांचा: पंजाब में वर्तमान में 198 लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर क्रियाशील हैं (49 सरकारी, 7 सैन्य और 142 निजी/ट्रस्ट संचालित)।
स्वास्थ्य मंत्री की प्रमुख अपीलें और निर्देश
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कॉलेज छात्रों के लिए संकल्प: स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं से अपील की कि प्रत्येक कॉलेज विद्यार्थी को वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए।
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‘स्टार डोनर्स’ बनें ‘स्टार मोटिवेटर्स’: नियमित रक्तदाताओं को दूसरों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी लेने को कहा गया ताकि अधिक से अधिक युवा जीवन बचा सकें।
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हेपेटाइटिस-सी पर ‘मिशन मोड’ कार्रवाई: राज्य में हेपेटाइटिस-सी की पॉजिटिविटी दर को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने के लिए उचित स्क्रीनिंग, ट्रैकिंग, त्वरित उपचार और सख्त ब्लड-सेफ्टी नियमों के निर्देश दिए गए।
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उन्नत तकनीक का उपयोग: जांच के ‘विंडो पीरियड’ को घटाने और एचआईवी व हेपेटाइटिस संक्रमणों को रोकने के लिए ‘न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग’ (NAT) और ‘केमिल्यूमिनेसेंस इम्यूनोवैसे’ (CLIA) तकनीकों का विस्तार किया जा रहा है।
प्रमुख सम्मान एवं पुरस्कार
शीर्ष संस्थाएँ और व्यक्तिगत रक्तदाता
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सर्वश्रेष्ठ एनजीओ: पी.बी.जी. वेलफेयर क्लब (कोटकपूरा) — सरकारी केंद्रों को 8,933 यूनिट रक्त आपूर्ति के लिए प्रथम स्थान।
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शीर्ष पुरुष रक्तदाता: बठिंडा के सुरिंदर पाल (149 बार रक्तदान)।
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शीर्ष महिला रक्तदाता: जालंधर की हरविंदर कौर (69 बार रक्तदान)।
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लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड: सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ. अजय बग्गा।
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अन्य सम्मानित डोनर्स: 17 सेंचुरियन पुरुष डोनर्स (100+ बार), 18 महिला डोनर्स (25+ बार), 4 दिव्यांग डोनर्स, 12 एफेरेसिस (SDP) डोनर्स और 6 स्वैच्छिक संस्थाएँ।
ज़िला एवं संस्थान स्तर पर पुरस्कार
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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ज़िले: पटियाला और संगरूर।
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उत्कृष्ट अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग: ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग (PGIMER चंडीगढ़) और सरकारी मेडिकल कॉलेज (सेक्टर-32, चंडीगढ़)।
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एचआईवी नियंत्रण (95-95-95 कैस्केड लक्ष्य):
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सक्षम ज़िला: पठानकोट
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सुरक्षित ज़िले: फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, अमृतसर, कपूरथला, मोहाली (SAS नगर) और बठिंडा।
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स्वास्थ्य संदेश:
“रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती। अच्छी सेहत ही जीवन का असली धन है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान न केवल हमें स्वस्थ रखता है, बल्कि अनमोल जिंदगियां भी बचाता है। आइए, रक्तदान को पंजाब में एक जन-आंदोलन बनाएं।”
— डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री (पंजाब)
प्रमुख उपस्थिति: साक्षी साहनी (विशेष सचिव-कम-प्रोजेक्ट डायरेक्टर, PSACS), डॉ. हितिंदर कौर (निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ. विशाल गर्ग, डॉ. सुनीता देवी, डॉ. सुखविंदर कौर, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. मीनू और पवन रेखा बेरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
