मुंबई, 20/04/2026
भारतीय शेयर बाजार में आज यानी सोमवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सावधानी बरती, जिसके चलते बाजार लगभग ‘फ्लैट’ यानी बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ.
बाजार का लेखा-जोखा
कारोबार के अंत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 50 महज 11.30 अंक (0.05%) की मामूली बढ़त के साथ 24,364.85 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 26.76 अंक (0.03%) चढ़कर 78,520.30 पर रहा. दिन भर बाजार में कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आई, क्योंकि वैश्विक संकेतों ने निवेशकों को डराए रखा.
तनाव का असर और जानकारों की राय
बाजार की इस सुस्ती का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में उपजा तनाव है. विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, निवेशकों को डर है कि अगर इस सप्ताह युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने से पहले कोई समझौता नहीं हुआ, तो स्थिति और बिगड़ सकती है.
हालांकि, कुछ निवेशकों का मानना है कि यह केवल बातचीत की एक रणनीति है, न कि किसी बड़े युद्ध की शुरुआत. इसी उम्मीद के चलते बाजार में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई.
कच्चा तेल और महंगाई की चिंता
भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 4% से अधिक उछलकर 94.48 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे रुपया कमजोर होता है और मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा रहता है.
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज के कारोबार में मिला-जुला रुख रहा. जहां एक ओर निफ्टी मीडिया (+0.65%) और निफ्टी ऑटो (+0.16%) में कुछ खरीदारी दिखी, वहीं आईटी, मेटल, फार्मा, बैंकिंग और रियल्टी जैसे प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए. निवेशकों का ध्यान फिलहाल कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों पर भी है, जिसके चलते चुनिंदा पावर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी देखी गई.
सोना और चांदी के भाव
सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है. 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,362 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है. वहीं, चांदी में 2.24% की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,51,381 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई.
आगे क्या?
आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा और ईरान के साथ होने वाली वार्ता पर निर्भर करेगी. यदि तनाव कम नहीं होता है, तो बाजार में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है.
