Haryana Roadways
अंबाला,02/11/2026
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं। अंबाला में रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 5 और 6 नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई। कर्मचारियों ने सरकार पर मांगों को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि परिवहन मंत्री के साथ 15 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक मांगों को लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है और उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
11 साल के बकाया बोनस का भुगतान प्रमुख मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में रोडवेज के बेड़े का विस्तार और परिवहन व्यवस्था में निजीकरण पर रोक लगाना शामिल है। इसके अलावा खाली पड़े पदों को भरने, क्लर्कों के वेतनमान में बढ़ोतरी, वेतन वृद्धि, जोखिम भत्ते का भुगतान और पिछले 11 वर्षों के बकाया बोनस को जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
जनता से मांगा हड़ताल के लिए समर्थन
कर्मचारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल कर्मचारियों के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने लोगों से प्रस्तावित हड़ताल में सहयोग करने की अपील की है।
परिवहन मंत्री और सीएम की मौजूदगी में ही होगी बातचीत
कर्मचारियों ने 3 नवंबर को डीजी रोडवेज के साथ प्रस्तावित बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि बातचीत में परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी अनिवार्य है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लिया तो 5 और 6 नवंबर की प्रस्तावित हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।
