अमेरिका, 24/10/2026
हरियाणा के दो वांछित गैंगस्टरों हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर है. FBI के ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत दोनों को 22 अक्टूबर को अमेरिका के लास वेगास क्षेत्र में पकड़ा गया. इस कार्रवाई में हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले इनपुट की अहम भूमिका बताई जा रही है. अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की मदद से हुई कार्रवाई के बाद अब भारतीय एजेंसियां दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जुटी हैं.
हिमांशु भाऊ हरियाणा और दिल्ली में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित है. वहीं, नीरज फरीदपुरिया का नाम भी हत्या समेत कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है. दोनों की अमेरिका में गिरफ्तारी को विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.
हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का नाम सामने आया है, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की हिरासत का जिक्र है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दोनों के मामले ICE की Enforcement and Removal Operations (ERO) डिवीजन के लास वेगास कार्यालय से जुड़े हैं. ERO अमेरिका में इमिग्रेशन कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में हिरासत और देश से निष्कासन की कार्रवाई करती है. हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी में अलग-अलग एजेंसियों की सटीक भूमिका को लेकर आधिकारिक सार्वजनिक बयान की पुष्टि जरूरी है.
हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भारत लाने के लिए हरियाणा STF के केंद्रीय एजेंसियों और अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है. भारतीय एजेंसियों के सामने अब दोनों के खिलाफ दर्ज मामलों, कानूनी प्रक्रिया और उन्हें भारत वापस लाने की औपचारिकताओं को पूरा करने की चुनौती है.
हरियाणा के रोहतक जिले से संबंध रखने वाला हिमांशु भाऊ उत्तर भारत के वांछित गैंगस्टरों में शामिल है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी है. पुलिस एजेंसियां उस पर हरियाणा, दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप लगाती रही हैं. हिमांशु भाऊ का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों की जांच में सामने आया है. उसका नाम लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के विरोधी के तौर पर भी रिपोर्ट किया जाता रहा है. भारतीय एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क और विदेश में उसकी गतिविधियों की जांच करती रही हैं.
हरियाणा के पलवल जिले से संबंध रखने वाले नीरज फरीदपुरिया का नाम हत्या, रंगदारी, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आया है. उसका नाम कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी सामने आया था. नीरज को 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. वर्ष 2015 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई, लेकिन 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिल गई. इसके बाद उसके विदेश चले जाने की जानकारी सामने आई.
