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होशियारपुर, 30 जून 2026
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक परगट सिंह ने आज होशियारपुर में नीट स्कैम और पेपर लीक को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली के पूरी तरह ध्वस्त होने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) अपने मूल दायित्व को निभाने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण नीट-यूजी (NEET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी कई राष्ट्रीय परीक्षाओं लीक और रद्द हुई हैं।
एक शिक्षा मंत्री के तौर पर विधायक परगट सिंह ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि तुरंत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। पेपर लीक माफिया की उनके साथ संभावित संबंधों की जांच होनी चाहिए। शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। अब कोई और पेपर लीक नहीं होना चाहिए। हर साल नीट-यूजी और यूजीसी-नेट जैसी परीक्षाओं और भर्ती के लिए निर्धारित सलाना कैलेंडर लागू किया जाना चाहिए। जिसमें परीक्षा की तारीखें पहले से घोषित हों और नियुक्ति की समय सीमा पहले ही घोषित की जाएं।
परगट सिंह ने कहा कि सिर्फ नीट (NEET) परीक्षा के लिए ही 22 लाख से अधिक परिवार मिलकर हर साल लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। जबकि हमारे देश की एजुकेशन का साल का बजट 1.40 लाख करोड़ है। यानि की हर साल जितना शिक्षा पर बजट खर्च किया जाता है, उतना पैसा नीट की तैयारी में स्टूडेंट्स और उनके माता पिता का लग रहा है।
उन्होंने खुलासा किया कि नीट जैसी परीक्षाओं में रोजगार की गारंटी देने की बात की जाती है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर 1,000 छात्रों में से मुश्किल से 12 ही स्थायी और वेतनभोगी नौकरियां पा पाते हैं। जबकि आईआईटी के 80% स्नातकों को भी रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
परगट सिंह ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में भारत में पेपर लीक के 89 संदिग्ध मामले सामने आए। जिनमें कम से कम 6.2 करोड़ स्टूडेंट्स प्रभावित हुए। कम से कम 48 परीक्षाएं दोबारा करवानी पड़ी और 22 परीक्षाएं तो करवाए जाने से पहले ही रद्द हो गईँ। नीट-यूजी 2024 के अलावा 2019 के बाद देश के 19 राज्यों में कम से कम 64 बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक के आरोपों का सामना कर चुकी हैं। इनमें 45 सरकारी भर्ती परीक्षाएं थीं और कम से कम 27 परीक्षाएं रद्द या स्थगित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी के सीनियर नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का हर एक सदस्य युवाओं की आवाज सुनने और उनका भविष्य सुरक्षित होने तक शांत नहीं बैठेगा। कांग्रेस छात्रों और अभिभावकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, जिला कांग्रेस प्रधान दलजीत सिंह गिल्लजियां, पूर्व विधायक पवन कुमार आदिया, पूर्व विधायक इंदू बाला, पूर्व युवा प्रधान अमरप्रीत सिंह लाली, सीनियर कांग्रेस नेत्री यामिनी गोमर, प्रधान सिटी कांग्रेस नवी रीहल, रोहित जोशी, अमरपाल काका, सरवन सिंह और नरवीर नंदी भी मौजूद रहे।

