चंडीगढ़, 26/04/2026
27 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र हो रहा है. इसका फैसला 22 अप्रैल को गुरुग्राम में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया था. इस विशेष सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 लाया जाएगा. कैबिनेट की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बन चुकी हैं. वहीं महिला आरक्षण का बिल संसद में पास नहीं हो पाने पर सत्र के दौरान निंदा प्रस्ताव भी लाया जाएगा.
हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज बिल 2026 होगा पेश
हरियाणा की बीजेपी सरकार ने ग्रुप डी के कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी पूरी कर ली है. सोमवार को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है. सदन में सरकार की तरफ से ‘हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज बिल 2026’ पटल पर रखा जाएगा. इस बिल के पारित होने से उन हजारों ग्रुप डी के कर्मचारियों के लिए भविष्य के नए द्वार खुल जाएंगे, जो लंबे समय से क्लर्क बनने का सपना संजोए बैठे हैं.
कैसे होगा ग्रुप डी कर्मचारियों को लाभ ?
इस बिल के पेश होने के बाद कॉमन कैडर ग्रुप डी के जिन कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी कर ली है, वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल हो जाएंगे. ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का भी प्रावधान किया गया है.
विपक्ष के खिलाफ लाया जाएगा निंदा प्रस्ताव
वहीं सोमवार को होने वाले विशेष सत्र के दौरान संसद में नारी शक्ति वंदन बिल पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा. इस बिल के तहत केंद्र सरकार ने महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने की बात कही थी, लेकिन विपक्ष के इस बिल के खिलाफ एकजुट होने से ये बिल पास नहीं हो पाया था. इसके बाद बीजेपी देशभर में इसको लेकर विरोध कर रही है. इसी के चलते विशेष सत्र के दौरान सरकार निंदा प्रस्ताव लाएगी.
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या कहा ?
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला कहते हैं कि मुख्यमंत्री के पास महिला आरक्षण बिल पर निंदा प्रस्ताव लाने का समय है, लेकिन किसानों को लिए नहीं. अगर निंदा प्रस्ताव लाना ही था तो सरकार की कमियों और खामियों के बारे में लाना चाहिए था. किसानों को जो दिक्कतें आई है, उसके लिए कहा जाना था कि आगे से किसानों को ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी. जो बिल लोकसभा में गिर गया उसकी चर्चा यहां पर करने का क्या मतलब है. भाजपा सरकार महिला आरक्षण बिल पर राजनीति कर रही थी, जिसमें वे सफल नहीं हुए. इसको लेकर मैं विपक्ष के साथियों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने भाजपा की मंशा को पूरा नहीं होने दिया.
निंदा प्रस्ताव पर क्या बोले दीपेंद्र हुड्डा ?
कांग्रेस के लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा कहते हैं कि ये बीजेपी की आदत है. निंदा प्रस्ताव तो विपक्ष लाता है, ये सत्ता पक्ष में है, ये महिला आरक्षण करवाएं. लगता है इस निंदा प्रस्ताव को लेकर वे अब विपक्ष की भूमिका की तैयारी कर रहे हैं.
सदन में दिख सकती है सत्ता पक्ष और विपक्ष में तल्खी
सत्ता पक्ष के सदन में निंदा प्रस्ताव लाने से पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सोमवार सुबह 9:30 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस सत्र के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था, किसानों के मुद्दे और बेरोजगारी पर सरकार को घेरने की रणनीति बना सकती है.
