न्यूज डेस्क, 07/04/2026
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम समाप्त हो गया. इन तीनों जगहों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी. अब एनडीए गठबंधन अपनी पूरी कार्यबल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की ओर मोड़ रहा है.
पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा मुख्यालय ने सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को निर्देश जारी किए हैं कि वे तुरंत चुनाव वाले इन राज्यों में पहुंचें और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान में सक्रिय भागीदारी करें. पार्टी का उद्देश्य जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाना और विकास की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाना है.
खबर के मुताबिक, भाजपा पूरे दम खम के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव में अपनी ताकत झोंकने जा रही है. साथ ही एनडीए गठबंधन पार्टीयों के माध्यम से तमिलनाडु में भी अपने कार्यकर्ताओं को पूरे दम खम के साथ चुनावी मैदान में उतरने के निर्देश दिए है.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्रमुख पहलों को विशेष रूप से प्रचारित करेगी. इनमें काशी-तमिल संगम जैसे सांस्कृतिक एकता कार्यक्रम प्रमुख हैं, जो तमिलनाडु और वाराणसी के बीच प्राचीन सभ्यतागत, सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों को मजबूत करते हैं.
यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत रूप देता है और युवाओं, शिक्षकों, कलाकारों तथा आम नागरिकों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है.इसी तरह, कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल और सड़क कनेक्टिविटी की भव्य परियोजनाओं को भी प्रमुखता दी जाएगी. हाल ही में पूरी हुई उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना ने कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से पूर्ण रूप से जोड़ दिया है. अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल नेटवर्क को लेकर भी भाजपा अपने चुनावी कैंपेन को आगे बढ़ा रही है.
पश्चिम बंगाल में जहां एसआईआर, मीट, मछली और अंडे पर भी अब सियासत हो रही है, वहीं अब चुनाव से ऐन पहले भारतीय जनता पार्टी अपने कैंपिंग स्ट्रेटजी में कुछ बदलाव करते हुए पॉजिटिव और प्रोग्रेसिव कैंपेन पर बल दे रही है,ताकि विकास के नाम पर पूरे देश को एक सूत्र में बांधा जा सके, और आर्थिक विकास के नाम पर भी कैंपेन को आगे बढ़ाया जा सके .
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “शांति और एकता के साथ हम इन राज्यों में मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करेंगे. पार्टी सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय नेताओं की टीम इन राज्यों में अलग अलग स्थान पर ज्यादा से ज्यादा चुनावी सभाओं को संबोधित तो करेंगे ही साथ ही अलग अलग राज्यों से पहुंच रहे भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर घर-घर जाकर मोदी सरकार के काम भी बताएगी.
केंद्र सरकार की तरफ से आयोजित किए जाने वाले काशी-तमिल संगम ने उत्तर और दक्षिण के बीच एक सांस्कृतिक पुल बनाया है, जबकि कश्मीर-कन्याकुमारी कनेक्टिविटी ने राष्ट्र को एक अखंड इकाई के रूप में मजबूत किया है.
पार्टी सूत्रों की माने तो रणनीति के तहत योगी आदित्यनाथ, हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई मुख्यमंत्री और राज्य नेता पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं को पीएम आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की जानकारी जनता तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है.
यह रणनीतिक बदलाव आगामी चुनावी चरणों में एनडीए की तैयारी को नई गति देगा. पार्टी नेतृत्व आशान्वित है कि विकास, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी के मुद्दों पर फोकस से इन राज्यों में भाजपा और सहयोगी दलों की स्थिति और मजबूत होगी.
