चंडीगढ़, 17/10/2026
हरियाणा में जनविश्वास की शक्ति, सुशासन के संकल्प और जनकल्याण की प्रतिबद्धता के साथ राज्य सरकार ने अपने लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ सरकार को सेवा का दायित्व सौंपा है, सरकार उसे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निभा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए है। प्रदेश के 2 करोड़ 80 लाख नागरिकों की आकांक्षाएं हमारी प्राथमिकता हैं और हरियाणा को विकास, समान अवसर तथा जनकल्याण के नए आयामों तक पहुंचाना हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कार्यकाल में हरियाणा को नंबर वन बताने वाले लोगों को आज प्रदेश की वास्तविक प्रगति और बदलती तस्वीर हजम नहीं हो रही है। उनके समय में हरियाणा नंबर वन तो था, लेकिन पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद, भय, भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद के मामले में नंबर वन था। नौकरियों में योग्यता के बजाय सिफारिश और पर्ची—खर्ची का बोलबाला था। पाताल से लेकर आकाश तक घोटाले थे। ऐसे शासन ने प्रदेश के विकास को पीछे धकेला और प्रदेशवासियों के साथ धोखा किया। उनके सरकार के 10 सालों में प्रदेश के एक ही क्षेत्र का विकास किया गया, बाकी हरियाणा की अनदेखी की गई। उनके कार्यकाल में तीन — तीन दिन में गैस का सिलेंडर मिलता था, उस मामले में हरियाणा नंबर वन था। झूठे वादों में नंबर वन था। ये कहते थे कि 24 घंटे बिजली देंगे लेकिन हरियाणा 4 से 5 घंटे बिजली मिलने के मामले में नंबर वन था। यही कारण है कि जागरूक हरियाणावासियों ने बदलाव का निर्णय लेते हुए उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया।
सत्ता में रहते हुए जनता से मिलते तक नहीं थे, आज सड़कों पर घूम रहे कांग्रेस नेता
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज कुछ लोग सड़कों पर घूमकर जनता के बीच जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब उनके हाथ में सत्ता थी, तब वे आम लोगों से मिलना तक पसंद नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें जनता के पसीने की बदबू आती थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जनता ने इसका जवाब दिया है।
‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाना सरकार का संकल्प है। इसी दिशा में ‘विकसित हरियाणा, विकसित भारत’ की भावना के साथ प्रत्येक नीति, योजना और निर्णय को किसान की खुशहाली, गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित किया गया है।
संकल्पों को सिद्धि में बदलने की दिशा में ठोस कदम, 217 में से 76 संकल्प दो वर्ष में पूरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि ‘विकसित हरियाणा विकसित भारत’ की मजबूत नींव किसान की खुशहाली, गरीब की आर्थिक सुरक्षा, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान, बेहतर शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से बने पिछले 2 वर्षों में हमारी सरकार के हर निर्णय और हर योजना के केंद्र यही सोच रही है। हम जो कहते हैं, उसे करते भी हैं। इसका प्रमाण यह है कि सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 76 संकल्पों को दो साल में ही पूरा कर दिखाया है।
इनमें मुख्य रूप से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता, सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने व बेचने वालों को 5 साल की सजा देने का कानून, डंकी रूट की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कानून, हर हरियाणवी अग्निवीर को सरकारी नौकरी की गारंटी, सभी जिला सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सेवा, आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त ईलाज की सुविधा, अनुबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, हरियाणा राज्य के गठन से पहले के पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक देना शामिल हैं। इसके अलावा, 141संकल्पों पर काम प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हरियाणा कर्मभूमि रहा है। उनका हरियाणा से विशेष लगाव है। इसी के चलते उन्होंने प्रदेश के अपने 18 दौरों में 86 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी है। पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हरियाणा को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है।
एचसीएस परिणाम ने दिखाया व्यवस्था में बदलाव, युवाओं का ध्यान अब पढ़ाई पर
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले युवाओं को नौकरी पाने के लिए नेताओं की परिक्रमा करनी पड़ती थी। उनका समय पढ़ाई के बजाय सिफारिश के लिए चक्कर लगाने में बीतता था। आज युवा अपना पूरा ध्यान पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एचसीएस परीक्षा के परिणाम ने साबित किया है कि अब युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार अब तक 46,500 युवाओं को नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भी जानते हैं कि उनकी खड़ी की हुई व्यवस्थाओं के बावजूद सरकार ने बिना पर्ची-खर्ची के नौकरियां दी हैं।
पंजाब में नशे पर किए वादों का क्या हुआ, आप पार्टी की सरकार दे जवाब
पंजाब में नशे की समस्या पर मुख्यमंत्री ने वहां की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से तीन से छह महीने में नशा कम करने का वादा किया गया था। उन्होंने पूछा कि उस वादे पर अब तक क्या परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने काम करने का समय गंवा दिया और आज लोग डर के कारण नशे के खिलाफ शिकायत करने से भी बचते हैं। उन्होंने कहा कि जनता से किए वादों पर पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए।
बिना थके, बिना रुके देश के लिए काम कर रहे प्रधानमंत्री मोदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बिना थके, बिना रुके और बिना छुट्टी लिए देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कामकाज के कारण देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में बसे भारतीयों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने स्वीडन दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी लोग ‘मोदी-मोदी’ करते हैं और भारत में काम करने तथा निवेश करने के लिए उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री की नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की नीतियों और उनके प्रभाव की समझ नहीं है।
