नई दिल्ली, 07/10/2026
कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर 10 अक्टूबर से अलग-अलग चरणों में आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार से हाथ में ‘लोकतंत्र बचाओ’ के बैनर लेकर चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर विपक्ष के सांसदों को आकाशवाणी भवन और ट्रांसपोर्ट भवन के पास ही रोक दिया। इस दौरान संसद के आसपास की प्रमुख सड़कों—रफी मार्ग और रायसीना रोड—को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया और जंतर-मंतर तथा चुनाव आयोग के दफ़्तर के आसपास सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई।
बैरिकेड्स पर चढ़े नेता, जमकर हुई नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बैरियर पर चढ़कर तिरंगा लहराते नजर आए, वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क़ भी बैरिकेड्स पर बैठ गए। सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं कर रहा है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनाव आयोग पर सरकार की कठपुतली की तरह काम करने और मताधिकार को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया।
“300 सांसद मिलने आए, लेकिन सीईसी डरे हुए हैं”: राहुल गांधी
आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर अपने सवाल पूछना चाहते हैं। चुनाव आयोग महज 50 गज की दूरी पर है, लेकिन 300 सांसदों को रोक दिया गया। सीईसी मिलने से डर रहे हैं। अगर जन प्रतिनिधि चुनाव आयोग से मिल ही नहीं सकते, तो ऐसे लोकतंत्र का क्या मतलब है?” राहुल गांधी ने पुलिस प्रशासन पर मीडियाकर्मियों को परिसर से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया और कहा कि संविधान विपक्ष को शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है।
दिनभर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, हिरासत में लिए गए नेता
प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, वर्षा गायकवाड़, डेरेक ओ’ब्रायन और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इलाके में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस ने लाउडस्पीकर से जगह खाली करने का ऐलान किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और दीपेंद्र हुड्डा समेत लगभग 260 लोगों (जिनमें 10 सांसद शामिल थे) को हिरासत में ले लिया। सभी को बसों में भरकर Kingsway Camp स्थित न्यू पुलिस लाइन समेत दिल्ली के विभिन्न थानों में ले जाया गया। देर रात आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद राहुल गांधी और अन्य सांसदों को हिरासत से रिहा कर दिया गया।
भाजपा का पलटवार: ‘देश में अराजकता फैलाने की साजिश’
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन को देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करार दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पेशल समरी रिविजन (SIR) को लेकर गलत और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है, ऐसे में सड़क पर इस तरह का हंगामा करना गैर-जिम्मेदाराना है।
