पंचकूला(Patarkar Desk)- टीचर्स डे के अवसर पर शनिवार को पंचकूला में स्टेट टीचर अवॉर्ड वितरण समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों से हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट टीचर अवॉर्ड समारोह में शामिल होना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों को टीचर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह समारोह शिक्षकों के समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति योगदान के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर है।
तकनीक के दौर में और महत्वपूर्ण हुई शिक्षक की भूमिका
नायब सिंह सैनी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बावजूद शिक्षकों की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति ने शिक्षा में समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने का रास्ता तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य अब केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना है, जो देश के विकास में योगदान दे सकें।
शिक्षा बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। मौजूदा वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है।
उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए प्रदेश में मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 218 कर दी गई है। वहीं 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए हैं और 250 स्कूलों को सीएम-ईईई स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के 3,328 स्कूलों में खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। गणित के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा मैथ्स ओलंपियाड भी शुरू किया गया है।
युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने पर जोर
सीएम सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसी दिशा में कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया गया है। इसके अलावा एक स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे सुपर-100 और फाउंडेशन प्रोग्राम को भी मजबूत किया गया है। हरियाणा का निपुण कार्यक्रम देशभर में पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम को देखने और समझने के लिए हरियाणा पहुंच रहे हैं।
शिक्षक ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा देने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव स्कीम शुरू की गई है। वहीं शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने के लिए नई शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
