अंबाला(Patarkar Desk)-हरियाणा के श्रम विभाग में महिला यौन उत्पीड़न की शिकायत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जांच कमेटी द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए श्रम विभाग के एक वेलफेयर अधिकारी का तबादला पहले फरीदाबाद से मुख्यालय और फिर पानीपत किया गया था, लेकिन अब उन्हें दोबारा फरीदाबाद में तैनात कर दिया गया है। इस फैसले के बाद विभागीय स्तर पर विवाद बढ़ गया है।
मामले में श्रम मंत्री अनिल विज पहले ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच के आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक FIR दर्ज नहीं होने और विभागीय कार्रवाई लंबित रहने पर सवाल उठ रहे हैं। मामला दोबारा श्रम मंत्री के संज्ञान में पहुंच गया है।
पांच सदस्यीय कमेटी ने की थी मामले की जांच
फरीदाबाद में कार्यरत एक महिला ने वर्ष 2025 में श्रम विभाग के अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने अपनी शिकायत महिला आयोग, श्रम मंत्री, सरकार और संबंधित अधिकारियों को भी भेजी थी।
शिकायत मिलने के बाद पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में हिसार की डिप्टी लेबर कमिश्नर समेत पांच अधिकारी शामिल थे। जांच के बाद संबंधित अधिकारी को मामले में जिम्मेदार ठहराए जाने की बात सामने आई।
अनिल विज ने 13 अगस्त को दिए थे FIR के आदेश
महिला की शिकायत के बाद श्रम मंत्री अनिल विज ने 13 अगस्त 2026 को FIR दर्ज कर मामले की जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि, खबर के अनुसार अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है और विभागीय स्तर पर भी अंतिम निर्णय लंबित है।
इसी बीच अधिकारी की तैनाती को लेकर लगातार नए आदेश जारी होते रहे। इससे मामले को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच के दौरान तीन बार बदली तैनाती
अधिकारी की तैनाती को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई आदेश जारी हुए। 18 फरवरी 2026 को अधिकारी को मुख्यालय से पानीपत अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया था। आदेश में कहा गया था कि सक्षम अधिकारी द्वारा मामले में निर्णय लिए जाने तक यह तैनाती अस्थायी रहेगी।
इसके बाद 22 जुलाई को दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए। इनमें श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के हस्ताक्षर थे। एक आदेश में अधिकारी को फरीदाबाद और दूसरे में पानीपत तैनात करने की बात कही गई।
इसके बाद 30 जुलाई को फिर आदेश जारी कर अधिकारी को फरीदाबाद में ही तैनात कर दिया गया। इस तरह जांच और कार्रवाई लंबित रहने के दौरान अधिकारी की तैनाती को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिले।
शिकायतकर्ता महिला पर भी कार्रवाई की चर्चा
मामले में शिकायतकर्ता महिला को लेकर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे विवाद और गहरा गया है। एक तरफ आरोपी अधिकारी के खिलाफ FIR और विभागीय कार्रवाई लंबित है, वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता पर शिकंजा कसने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
चेयरमैन बोले- स्टाफ की कमी, अधिकारी को खाली नहीं बैठा सकते
हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच चल रही है और सक्षम अधिकारी को इस मामले में निर्णय लेना है। उन्होंने कहा कि विभाग में पहले से ही स्टाफ की कमी है।
चेयरमैन के मुताबिक, किसी अधिकारी को बिना काम के बैठाकर वेतन नहीं दिया जा सकता। इसी वजह से संबंधित अधिकारी को फरीदाबाद में तैनात किया गया है, ताकि उससे विभागीय काम लिया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों के मामले में सक्षम स्तर पर निर्णय होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
