पटियाला/चंडीगढ़ 01 अगस्त 2026: पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान अब सिर्फ सीनियर नेताओं तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी गूंज पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में भी साफ सुनाई देने लगी है।
शनिवार को पटियाला के समाना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान यह गुटबाजी तब सामने आ गई जब चन्नी के समर्थकों ने मंच से राजा वड़िंग के विरोध में नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही राजा वड़िंग ने अपना भाषण शुरू किया, भीड़ में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘चन्नी लाओ – पंजाब बचाओ’ और ‘चन्नी लाओ – कांग्रेस बचाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया और वड़िंग को अपना भाषण रोकना पड़ा।
नारेबाजी से नाराज दिखे राजा वड़िंग ने मंच से सख्त लहजे में कहा कि पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रम को किसी को भी खराब करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि नारेबाजी क्यों की जा रही है। वड़िंग ने चेतावनी दी कि पार्टी प्रोग्राम का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कांग्रेस हाईकमान ने अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने के लिए समय रहते दखल नहीं दिया, तो इसका असर आने वाली पॉलिटिकल चुनौतियों और चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है। पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता माने जाते हैं और अगर वे भी अलग-अलग गुटों में बंटे दिखे, तो संगठन को नुकसान हो सकता है।
