₹800 crore deposited into the accounts of over 19,000 farmers: Lal Chand Kataruchak
चंडीगढ़, 06/10/2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा किसानों, आढ़तियों और मजदूरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए धान खरीद सीजन 2026-27 को निर्बाध बनाने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। इसका स्पष्ट प्रमाण यह है कि अब तक 19,222 किसानों के खातों में लगभग 800 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है।
एक बैठक के दौरान इस संबंध में जानकारी देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि अब तक वह 10 जिलों—गुरदासपुर, पटियाला, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, फतेहगढ़ साहिब और कपूरथला—की विभिन्न मंडियों का दौरा कर खरीद प्रबंधों का व्यक्तिगत रूप से जायजा ले चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि विभिन्न मंडियों के दौरे के दौरान किसी भी किसान अथवा खरीद सीजन से संबंधित किसी अन्य पक्ष की ओर से एक भी शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने आगे कहा कि अब किसानों को निर्धारित 24 घंटे की समय-सीमा से भी पहले भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि बाहरी राज्यों से कोई धान मंडियों में न आए, सभी अंतरराज्यीय नाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आज जलालाबाद में कथित तौर पर हरियाणा से संबंधित एक व्यक्ति को पंजाब से बाहर से धान लाते हुए पकड़ा गया है। विभागीय स्तर पर जांच चल रही है और ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान खरीद प्रक्रिया की तेज रफ्तार के लिए विभाग के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की सराहना करते हुए मंत्री ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खरीद की गति में किसी भी समय कमी न आए।
मंत्री ने किसानों से मंडियों में केवल सूखी फसल लाने की अपील करते हुए विश्वास दिलाया कि उन्हें मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि पंजाब राज्य को केंद्रीय पूल के लिए 180 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभाग ने 5.09 लाख बारदाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। इसके अलावा, अक्टूबर माह के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) प्राप्त हो चुकी है।
इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, विशेष सचिव कमल कुमार गर्ग, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ, उप निदेशक खाद्य (खरीद) गीता बिशंभू तथा जनरल मैनेजर (वित्त) सर्वेश कुमार उपस्थित थे।
