mahipal dhanda
चंडीगढ़, 26 सितंबर 2026
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपालढांडा ने कहा कि सेवा परमो धर्म है और समाज में जागृति लाने के लिए सेवा की भावना, संवेदना और संकल्प को मजबूत करना जरूरी है। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ जिला स्तरीय कार्यक्रम बच्चों की कल्पनाओं, संवेदनाओं और विकसित भारत के प्रति उनके संकल्प को दर्शाता है। बच्चों की सोच और प्रतिभा को देखकर लगता है कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा शनिवार को पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग की ओर से लगाई गई पोस्टर मेकिंग प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों व पोस्टरों की सराहना की। इस मौके पर उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बच्चों की सोच और प्रतिभा की सराहना की।
मंत्री ने कहा कि देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन केवल नीतियां बनाने से इनका समाधान नहीं होगा, इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का संकल्प और सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आज के बच्चे जिस आत्मविश्वास और सोच के साथ विकसित भारत की कल्पना कर रहे हैं, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दिखाई देती है। भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने व्यवहार और कार्यों में भी उतारना होगा। बच्चों से देश को बहुत आशाएं हैं और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, संवेदना, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करनी होगी इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने बताया कि जिले के करीब 900 स्कूलों में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें करीब 30 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।
