चंडीगढ़, 4/06/2026
आज पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय कमेटी (एस.एल.सी.सी.सी.) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यभर में चल रहे जनगणना 2027 के प्रथम चरण—गृह सूचीकरण (हाउसलिस्टिंग) एवं आवास जनगणना कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जनगणना संबंधी राज्य नोडल अधिकारी एवं प्रशासनिक सचिव, स्थानीय निकाय विभाग श्री घनश्याम थोरी के अलावा योजना, वित्त, ग्रामीण विकास तथा शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जो कमेटी के सदस्य भी हैं।
बैठक में पंजाब के सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों (उपायुक्तों एवं नगर निगम आयुक्तों) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। यह बैठक जनगणना संचालन, पंजाब के निदेशक डॉ. नवजोत खोसा द्वारा बुलाई गई थी।
बैठक के दौरान प्रथम चरण के जनगणना कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना संचालन (एच.एल.ओ.), गृह सूचीकरण ब्लॉकों (एच.एल.बी.) का सृजन एवं पूर्णता तथा आंकड़ों के संग्रहण की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जा रही विभिन्न प्रक्रियाएं शामिल थीं। मुख्य सचिव ने जनगणना कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के महत्व पर बल दिया, क्योंकि यही तथ्य-आधारित योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण की आधारशिला हैं।
डॉ. नवजोत खोसा ने कमेटी को बताया कि वर्तमान में पंजाब भर में कुल 52,365 गृह सूचीकरण ब्लॉकों पर कार्य चल रहा है। बैठक में बताया गया कि पांच जिलों—बरनाला, फाजिल्का, मलेरकोटला, मोगा और शहीद भगत सिंह नगर तथा पांच नगर निगमों—बरनाला, अबोहर, मोगा, होशियारपुर और बटाला ने प्रभावी फील्ड लामबंदी, कुशल एवं मजबूत निगरानी के माध्यम से सराहनीय प्रदर्शन किया है। मुख्य सचिव ने जनगणना गतिविधियों के क्रियान्वयन में सकारात्मक मानदंड स्थापित करने के लिए इन जिलों और नगर निगमों के प्रयासों की प्रशंसा की।
जिला-वार प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा ने अब तक के कार्य पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि केवल कुछ जिले एवं शहरी स्थानीय निकाय ही निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड कार्यों में तेजी लाने तथा अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों को गृह सूचीकरण ब्लॉकों की 100 प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों को जनगणना कार्यों की निकट एवं निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि चरण-1 के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा किया जा सके। अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा एकत्र किए जा रहे आंकड़ों की पूर्णता एवं शुद्धता की पुष्टि के लिए आकस्मिक फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। जनगणना प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण जनगणना मानकों की निगरानी तथा आंकड़ों की गुणवत्ता एवं एकरूपता के उच्च मानकों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जनभागीदारी एवं सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने जिला प्रशासनों को जनगणना गतिविधियों से संबंधित गलतफहमियों एवं नकारात्मक प्रचार को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से प्रेस विज्ञप्तियां जारी करने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी। उन्होंने नागरिकों के सहयोग को प्रोत्साहित करने और फील्ड कार्यों के सुचारु संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विश्वास निर्माण उपायों तथा पारदर्शी संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
वर्तमान मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे फील्ड कार्यों में लगे गणनाकारों एवं पर्यवेक्षकों के लिए गर्मी संबंधी परामर्श एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। जनगणना अभियान के दौरान फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त जलापूर्ति (हाइड्रेशन), कार्य समय में आवश्यक समायोजन तथा जागरूकता संबंधी उपायों सहित उचित सावधानियां अपनाने की भी सलाह दी गई।
निर्धारित समय-सारिणी के पालन के महत्व को दोहराते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि चरण-1 के अंतर्गत जनगणना कार्य जून 2026 के दूसरे सप्ताह से पहले पूरी तरह समाप्त कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समय-सीमा में किसी प्रकार का विस्तार नहीं किया जाएगा, क्योंकि जनगणना 2027 के चरण-1 के अंतर्गत पंजाब में गृह सूचीकरण एवं आवास संचालन के लिए अधिसूचित अवधि 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक निर्धारित है।
यह बैठक सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा समन्वित प्रयासों, सख्त निगरानी तथा प्रभावी क्षेत्रीय क्रियान्वयन के माध्यम से पंजाब भर में जनगणना चरण-1 के कार्यों को सफलतापूर्वक, समय पर और पूर्ण रूप से संपन्न कराने की नई प्रतिबद्धता के साथ इसका समापन हुआ।
