चंडीगढ़, 4/11/2026
पंजाब में अनुसंधान और नवाचार आधारित विकास को नई गति प्रदान करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल’ के पहले संस्करण की शुरुआत के महज चार महीने के भीतर आज इसके दूसरे संस्करण ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए 28 स्टार्टअप को 1.17 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट भी वितरित की।
यहां एक होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब अब आईटी सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं जीव विज्ञान, कृषि, खाद्य एवं पेय पदार्थों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों स्टार्टअप का केंद्र बन चुका है। इनमें से 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिला निदेशकों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जुलाई में आईएनएसटी मोहाली में इस मंच की शुरुआत की गई थी और केवल चार महीने में इसका दूसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। यह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्टार्टअप और निवेश पूंजी के बीच निरंतर समन्वय स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उद्यमियों को बधाई देते हुए उद्योग मंत्री ने बताया कि पंजाब में स्टार्टअप की संख्या वर्ष 2021-22 के 36 से बढ़कर वर्ष 2026 में 404 हो गई है। अब तक 222 स्टार्टअप को 6.80 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी जा चुकी है। एसआरएफ 4.0 और 5.0 में अग्रणी प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में पहचान बनाने के बाद पंजाब ने ‘पंजाब स्टार्टअप नीति-2026’ के माध्यम से अपने प्रोत्साहन ढांचे को और मजबूत किया है। इस नीति के तहत दो किस्तों में 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट, ब्याज एवं लीज किराये पर सब्सिडी तथा सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त 350 से अधिक आउटरीच गतिविधियों, पंजाब इन्वेस्टर सर्कल और स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 के माध्यम से राज्य में वित्तपोषण, इनक्यूबेशन और औद्योगिक साझेदारी का मजबूत तंत्र विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में उद्यमशीलता की अपार क्षमता है। राज्य सरकार उनके नवाचारपूर्ण विचारों को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, संस्थागत सहयोग, मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब का मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन, प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान और निवेशकों के अनुकूल प्रगतिशील व्यवस्था स्टार्टअप को नवाचार करने, कारोबार का विस्तार करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
कार्यक्रम में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने वाले संस्थापकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें छोटा नहीं, बल्कि बड़ा सोचने की जरूरत है। उन्हें वैश्विक कंपनियां और यूनिकॉर्न बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई उद्यमी सफल होता है तो वह पंजाब का प्रतिनिधित्व करता है, राज्य की पहचान को आगे बढ़ाता है और पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बनता है। ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल’ का प्रमुख आकर्षण निवेशक पिचिंग सत्र रहा, जिसमें 10 प्रमुख स्टार्टअप ने निवेशकों और विशेषज्ञ ज्यूरी के समक्ष अपने नवाचारपूर्ण कारोबारी मॉडल और अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस सत्र के माध्यम से स्टार्टअप को संभावित निवेशकों से सीधे जुड़ने, वित्तपोषण साझेदारी की संभावनाएं तलाशने, विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने और भविष्य में कारोबार के विस्तार के लिए अपनी निवेशक पहुंच मजबूत करने का अवसर मिला।
इन स्टार्टअप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, हेल्थ टेक, टिकाऊ प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा प्रौद्योगिकी और कृषि जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अपने नवीनतम आविष्कारों एवं तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया। यह पंजाब की डीप-टेक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण और उभरती औद्योगिक एवं सामाजिक जरूरतों के लिए विस्तार योग्य समाधान विकसित करने की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित नवाचार प्रदर्शनी में भी पंजाब के उभरते उद्यमों की विविधता और तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शकों ने उन्नत सामग्री एवं स्मार्ट टेक्सटाइल, टिकाऊ विनिर्माण, खाद्य एवं कृषि प्रौद्योगिकी, पोषण विज्ञान, एआई आधारित शिक्षा प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और संवादात्मक शिक्षण समाधानों से संबंधित नवीनतम तकनीकों की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर ‘स्टार्टअप पंजाब’ ने अपने ‘जोहो फॉर स्टार्टअप्स’ कार्यक्रम के तहत ‘जोहो कॉरपोरेशन’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत पात्र पंजीकृत स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के जोहो वॉलेट क्रेडिट उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे उन्हें डिजिटल कारोबारी समाधान हासिल करने, अपने कामकाज को अधिक सुचारू बनाने और व्यावसायिक क्षमताओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में पंजाब के बढ़ते स्टार्टअप सहयोग तंत्र को भी रेखांकित किया गया। इसमें 25 से अधिक मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर एवं एक्सीलरेटर, सलाहकारों का मजबूत नेटवर्क तथा आईआईटी रोपड़, आईआईएसईआर मोहाली, आईएसबी मोहाली, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गडवासू और थापर इंस्टीट्यूट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी शामिल है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि ‘स्टार्टअप पंजाब’ की इन्वेस्टर कनेक्ट पहल के तहत शुरू किया गया ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल’ नवाचारपूर्ण स्टार्टअप को निवेशकों, औद्योगिक नेताओं और वित्तपोषण संस्थानों से जोड़ने का प्रभावी मंच है। जुलाई 2026 में आईएनएसटी मोहाली में आयोजित पहले संस्करण से आगे बढ़ते हुए दूसरे संस्करण ने पंजाब की उद्यमशील प्रतिभाओं और निवेशक समुदाय के बीच संपर्क को और मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के युवाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करने, प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देने, नवाचार को बढ़ावा देने और पूरे पंजाब में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह स्टार्टअप, निवेशकों और औद्योगिक भागीदारों के बीच जीवंत, निवेश के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
