नेपाल, 10/09/2025
नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़े हिंसक प्रदर्शन में 1000 लोग घायल हो चुके है और 30 मारे जा चुके है दरअसल सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, एक्स, यूट्यूब समेत 20 साइट्स ब्लॉक की तो 8 सितंबर को सोशल मीडिया बैन हुआ तभी राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारों युवा सड़कों पर उतरे जिन्होंने जमकर उत्पात मचाया और कई नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों को जला दिया जिसके बाद आर्मी ने काठमांडू में कर्फ्यू लगाकर पूरे देश को अपने नियंत्रण में लिया
नेपाल की जेल से हजारों कैदी हुए फरार
नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़े हिंसक प्रदर्शन का फायदा उठाकर 13500 कैदी जेल से भाग गए और हिरासत में लिए 560 भी फरार हो गए जबकि पश्चिमी नेपाल की जेल में कैदियों और सुरक्षाकर्मियो की आपस में झड़प हुई जिसमें 5 नाबालिग कैदियों की मौत हो गई और कई जख्मी हो गए
ओली ने Gen Z प्रदर्शनकारियों के नाम लिखा पत्र
पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने हिंसक प्रदर्शनों के बीच Gen Z के नाम एक भावुक पत्र लिखा है इस पत्र में उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन, संघर्षों और वर्तमान राजनीतिक हालातों के साथ जोड़ते हुए युवाओं से अपील की है की वे देश की व्यवस्था को बचाने के प्रति संवेदनशील रहे और ये हिंसक प्रदर्शनों के पीछे Gen Z नहीं बल्कि कोई और साजिश रच रहा है और ये सब प्लानिंग से किया गया है और इसके पीछे गहरी साजिश है
रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा सीएम से की अपील
नेपाल में मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं। वहाँ पर फंसे हरियाणा के लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हरियाणा कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा की हरियाणा की उपासना गिल का नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के बीच फसी हुई है जिसका वीडियो वायरल हो रहा है और यह वीडियो बता रहा है कि उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक है।जिस होटल में वे ठहरी थीं उसका जलाया जाना हालात की गंभीरता दिखाता है। उन्होंने वीडियो बनाकर भारतीय दूतावास और सरकार से सभी फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की अपील की है।
हम मुख्यमंत्री श्रीमान नायब सिंह सैनी जी से मांग करते है कि वो तुरंत प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री से मिलकर हरियाणा के लोगों को नेपाल में फंसे विभिन्न जगहों से सुरक्षित निकालें।
साथ ही हरियाणा सरकार के एक मंत्री तथा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ड्यूटी लगाकर यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ऐसे हालात में वो ज़िम्मेदारी निभाकर अपने नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश लाएं।
