चंडीगढ़, 10/10/2026
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में गांवों में ‘हर-हित’ स्टोर का तेजी से विस्तार करने के लिए ‘हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964’ में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत संबंधित उपायुक्तों को ग्राम पंचायतों की ‘शामलात देह’ (गांव की साझा जमीन) में 20 वर्ग गज तक की जमीन हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड को ‘हर-हित’ स्टोर स्थापित करने के लिए आवंटन के जरिए पट्टे पर देने की मंजूरी का अधिकार दिया गया है। इन नए नियमों को ‘हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) पांचवां संशोधन नियम, 2026’ कहा जाएगा।
राज्य सरकार के उपक्रम ‘हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड’ द्वारा फ्रैंचाइजी के माध्यम से ‘हर-हित’ रिटेल चेन चलाई जा रही है। अभी 5,000स्टोर के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 1,400 स्टोर चल रहे हैं। गांवों में हर स्टोर के लिए 20 वर्ग गज जमीन की आवश्यकता है। अभी ऐसे हर पट्टे के लिए राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति लेनी पड़ती है। संबंधित उपायुक्त को मंजूरी देने का अधिकार मिलने से, इन छोटी जगहों के प्रस्तावों पर जिला स्तर पर कार्रवाई हो सकेगी, जिससे रिटेल नेटवर्क का विस्तार आसान हो जाएगा।
संशोधन के तहत, ग्राम पंचायत की जमीन ‘हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड’ को आवंटन के जरिए एक बार में ज्यादा से ज्यादा पांच साल की अवधि के लिए पट्टे पर दी जा सकती है, जिसे अधिकतम तीन साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। पट्टे की राशि और अन्य शर्तें राज्य सरकार समय-समय पर तय करेगी। इस संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी जमीन पर ‘हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशनलिमिटेड‘ की फ्रैंचाइजी के जरिए ‘हर-हित स्टोर’ चलाने को सब-लीज नहीं माना जाएगा।
