haryana and australia aggrement
चंडीगढ़, 10 सितंबर 2026
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ में भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, कृषि, ग्रीन एनर्जी, खेल, टूरिज्म, निवेश तथा युवाओं को वैश्विक अवसर उपलब्ध करवाने सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी है. दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और लोगों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में हरियाणा के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ राज्य स्तर पर सहयोग को और मजबूत करने की व्यापक संभावनाएं हैं.”
उन्होंने कहा कि “भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों का लाभ हरियाणा के युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, उद्यमियों और उद्योगों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. शिक्षा, स्किल, रिसर्च, इनोवेशन और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग से हरियाणा के विकास को नई गति दी जा सकती है.”
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव अजय कुमार, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी, विदेश सहयोग विभाग की संयुक्त निदेशक हिना बिंदलिश सहित ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिजनेस काउंसिल से जुड़े प्रहरियाणा की औद्योगिक क्षमता और ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता को साथ लाकर क्लीन एनर्जी और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के क्षेत्र में नई परियोजनाएं विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया. बैठक में ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीटेक, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.तिनिधि सहित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे. इस दौरान हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने और दोनों पक्षों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को और अधिक मजबूत करने के संबंध में भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में हरियाणा की यूनिवर्सिटीज और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी और पब्लिक पॉलिसी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च, स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरियाणा में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ लेकर हरियाणा में इनोवेशन, रिसर्च और इंडस्ट्री-एकेडमिया पार्टनरशिप को और मजबूत किया जा सकता है. उन्होंने हरियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च एवं इनोवेशन हब और नई तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने में ऑस्ट्रेलिया के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की. बैठक में हरियाणा के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्किल प्रदान करने और उन्हें वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष चर्चा हुई.
बैठक में कृषि के क्षेत्र में हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता को जोड़ने पर भी चर्चा हुई. प्रिसिजन एग्रीकल्चर, पानी की बचत वाली खेती, क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, मिट्टी की सेहत, फार्म मैकेनाइजेशन, डेयरी टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और एग्री इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया. ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरियाणा की मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था, विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहा इनोवेशन इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है.” बैठक में स्पोर्ट्स साइंस, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, एथलीट डेवलपमेंट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा हुई. क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती और बॉक्सिंग सहित विभिन्न खेलों में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता का लाभ हरियाणा के खिलाड़ियों को उपलब्ध करवाने की संभावनाओं पर विचार किया गया.
टूरिज्म और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई. ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ऑस्ट्रेलिया आने का निमंत्रण दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि “शिक्षा, स्किल, इनोवेशन, स्पोर्ट्स और टूरिज्म के माध्यम से दोनों देशों के युवाओं और संस्थानों के बीच पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट को और मजबूत किया जा सकता है.
