न्यूज डेस्क,29/05/2026
हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक केंद्र पानीपत इन दिनों भीषण गर्मी और बिजली संकट के दोहरे वार से जूझ रहा है. एक ओर तेज गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर घोषित और अघोषित बिजली कटों ने जनजीवन और उद्योग दोनों की रफ्तार थाम दी है. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जिले में लाइन लॉस बेहद कम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को लगातार बिजली संकट झेलना पड़ रहा है. ओवरलोड के चलते ट्रांसफॉर्मर फुंकने, तार जलने और फेज कटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.
शहर की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. स्थानीय निवासी किरण ने बताया कि “रात में दो-दो और तीन-तीन घंटे के कट लग रहे हैं. जिन घरों में एसी और इन्वर्टर नहीं हैं, वहां बच्चे पूरी रात गर्मी से परेशान रहते हैं. लोग रात को बच्चों को लेकर गलियों में बैठने को मजबूर हैं.”
उपभोक्ता लक्की ने कहा कि “गर्मी बढ़ते ही पूरे दिन बिजली गायब रहने लगी है. ट्रांसफॉर्मर से चिंगारियां निकलती हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती. पानी की समस्या और दुकानदारी दोनों प्रभावित हो रही हैं.”
सचिन ने कहा कि “विभाग सर्दियों में रखरखाव नहीं करता और गर्मियों में ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर घंटों बिजली काट दी जाती है. लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.” निर्मला देवी ने बताया कि “दिन और रात दोनों समय कम वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिससे कूलर और पंखे ठीक से नहीं चल पाते.”
उपभोक्ताओं का कहना है कि लोड चेकिंग सही तरीके से नहीं होने के कारण समस्या बढ़ रही है. कई घरों में स्वीकृत लोड से अधिक एसी और भारी उपकरण चलाए जा रहे हैं, जबकि ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइनों की क्षमता पुरानी ही बनी हुई है. इससे बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं.
हालांकि शहर के कुछ इलाकों में बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है. दुकानदार परमजीत सैनी ने बताया कि पहले ट्रांसफॉर्मर की तारें जलने से दिनभर बिजली गायब रहती थी और कारोबार प्रभावित होता था, लेकिन अब उनके इलाके में स्थिति पहले से बेहतर है.
