न्यूज डेस्क, 01/04/2026
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का आज बुधवार को 33वां दिन है. इजराइल और अमेरिका का ईरान पर हवाई हमला जारी है. वहीं ईरान की ओर से भी इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. मंगलवार को इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन बज उठे. यह देश का वह हिस्सा है जिसे हाल के दिनों में बार-बार निशाना बनाया गया. इजरायल की सेना ने यह भी बताया कि उसने यमन से छोड़े गए दो ड्रोन मार गिराए हैं. यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार को अपने पहले मिसाइल हमले के साथ इस युद्ध में प्रवेश किया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध समाप्त करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है तो ईरान के ऊर्जा संसाधनों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया जाएगा. इसमें संभवतः पीने का पानी उपलब्ध कराने वाले संयंत्र भी शामिल हो सकते हैं. ट्रंप बार-बार यह दावा करते रहे हैं कि वे कूटनीतिक प्रगति कर रहे हैं, हालांकि तेहरान सीधे तौर पर बातचीत करने से इनकार करता है. इसके साथ ही ट्रंप ने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ को बताया कि वाशिंगटन, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ के साथ बातचीत कर रहा है. रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर जिन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिका का मजाक उड़ाया है ने पाकिस्तान की मध्यस्थता से हो रही इन वार्ताओं को अमेरिकी सैनिकों की हालिया तैनाती के लिए एक बहाना मात्र बताकर खारिज कर दिया.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत में काफी प्रगति हो रही है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है, और यदि होर्मुज को तुरंत फिर से नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका अपने हमले को और व्यापक कर देगा और बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं, खार्ग द्वीप तथा संभवतः विलवणीकरण संयंत्रों को भी पूरी तरह से तबाह कर देगा. अमेरिका पहले ही खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक उसके क्षेत्र में कदम रखते हैं, तो वह खाड़ी के अरब देशों पर अपना जमीनी हमला शुरू कर देगा और फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देगा.
इस बीच, ईरान ने कुवैत में एक महत्वपूर्ण जल और बिजली संयंत्र पर हमला किया और इजरायल में एक तेल रिफाइनरी भी हमले की चपेट में आ गई. लेबनान में अधिकारियों ने बताया कि 1200 से अधिक लोग मारे गए हैं, और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं. लेबनान में छह इजराइली सैनिक मारे गए हैं, जबकि इस युद्ध में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं. वैश्विक ऊर्जा संकट की चिंताओं के बढ़ने के साथ ही तेल की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि जिन देशों ने इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने से मना कर दिया है, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जाकर तेल लेने की हिम्मत जुटाएँ’.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस बात को याद रखेगा कि फ्रांस ने इस मामले में ‘कोई मदद नहीं की’. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध में आने वाले दिन निर्णायक साबित होंगे. वहीं, ईरान ने घोषणा की कि एक हमले में उसके एक शीर्ष सैन्य अधिकारी, जमशेद एशाघी, की मौत हो गई है. हेगसेथ ने यह भी कहा कि ट्रंप समझौता करने के लिए तैयार हैं और अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका इस युद्ध को और भी ज्यादा तेजी से जारी रखेगा.
ईरान ने किया अमेरिकी कंपनी ऐमेजॉन पर अटैक, बहरीन के डेटा सेंटर को बनाया निशाना
मिडिल ईस्ट महाजंग के बीच ईरान ने हाल ही में चेतावनी जारी की थी कि अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बहरीन में ऐमेजॉन के डेटा सेंटर पर हमला कर दिया है.
बताया जा रहा है कि यह डेटा सेंटर सीधे हमले का निशाना नहीं बना, लेकिन आसपास हुए ड्रोन स्ट्राइक के असर से इसके ऑपरेशन्स प्रभावित हुए. बहरीन की तरफ से एक्स पर पोस्ट शेयर किया गया है. हालांकि इसमें ऐमेजॉन का जिक्र नहीं है.
ईरान ने सीजफायर की मांग की: ट्रंप
जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सीजफायर की मांग की है. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर यह बात कही है. ट्रुथ सोशल पर बात करते हुए, ट्रंप ने एक नया दावा किया कि ईरान के “नए शासन के राष्ट्रपति, जो अपने पहले के राष्ट्रपति से बहुत कम कट्टरपंथी और कहीं ज्यादा समझदार हैं, ने अभी-अभी अमेरिका से सीजफायर के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि जब ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का फैसला करेगा, तब अमेरिका उसके प्रस्ताव की समीक्षा करेगा.
