न्यूज डेस्क, 28/01/2026
खनन, विनिर्माण एवं बिजली क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन से देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर दिसंबर 2025 में दो साल से अधिक के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन दिसंबर 2024 में 3.7 प्रतिशत बढ़ा था.
आधिकारिक बयान में कहा गया, “दिसंबर 2025 में औद्योगिक गति और मजबूत हुई क्योंकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 7.8 प्रतिशत बढ़कर दो वर्ष से अधिक के अपने उच्च स्तर पर पहुंच गया। नवंबर 2025 में इसमें 7.2 प्रतिशत (संशोधित) की वृद्धि दर्ज की गई थी.”
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने नवंबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के अनुमान को पिछले महीने जारी किए गए 6.7 प्रतिशत के अस्थायी अनुमान से संशोधित करके 7.2 प्रतिशत कर दिया है.
चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.9 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4.1 प्रतिशत थी. एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो दिसंबर 2024 में 3.7 प्रतिशत रही थी.
इसमें कहा गया, “विनिर्माण क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाले उद्योग कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक व ऑप्टिकल उत्पाद (34.9 प्रतिशत), मोटर वाहन, ट्रेलर व सेमी-ट्रेलर (33.5 प्रतिशत) और अन्य परिवहन उपकरण (25.1 प्रतिशत) हैं.”
खनन उत्पादन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो दिसंबर 2024 में 2.7 प्रतिशत थी. बिजली उत्पादन में दिसंबर 2025 में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 2024 की इसी महीने में यह 6.2 प्रतिशत थी.
उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर प्राथमिक वस्तुओं की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 8.1 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 7.5 प्रतिशत, अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं में 12.1 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 12.3 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 8.3 प्रतिशत रही. आईआईपी की वृद्धि में दिसंबर 2025 में शीर्ष तीन प्रमुख योगदान करने वाले क्षेत्र अवसंरचना/निर्माण वस्तुएं, प्राथमिक वस्तुएं और मध्यवर्ती वस्तुएं हैं.
विनिर्माण क्षेत्र में 23 उद्योग समूहों में से 16 ने दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है. आईआईपी आंकड़ों में दिसंबर 2025 के शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ताओं में बुनियादी धातुओं का विनिर्माण (12.7 प्रतिशत), मोटर वाहन, ट्रेलर व सेमी-ट्रेलर (33.5 प्रतिशत) और दवा औषधीय रसायन एवं वनस्पतिक उत्पाद (10.2 प्रतिशत) शामिल हैं.
मुख्य विशेषताएं:
दिसंबर 2025 के महीने के लिए आईआईपी की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है, जो नवंबर 2025 के महीने में 6.7 प्रतिशत (त्वरित अनुमान) थी.
दिसंबर 2025 के महीने के लिए खनन, विनिर्माण और बिजली, इन तीनों क्षेत्रों की विकास दर क्रमशः 6.8 प्रतिशत, 8.1 प्रतिशत और 6.3 प्रतिशत है.
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का त्वरित अनुमान दिसंबर 2024 में 158.0 के मुकाबले दिसंबर 2025 में 170.3 है। दिसंबर 2025 के लिए खनन, विनिर्माण और बिजली क्षेत्रों के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक क्रमशः 153.0, 169.9 और 204.9 पर रहे हैं.
विनिर्माण क्षेत्र के भीतर, एनआईसी 2 अंक-स्तर पर 23 उद्योग समूहों में से 16 ने दिसंबर 2025 में दिसंबर 2024 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। दिसंबर 2025 के महीने के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता हैं – “बुनियादी धातुओं का निर्माण” (12.7 प्रतिशत), “मोटर वाहनों, ट्रेलरों एवं सेमी-ट्रेलरों का निर्माण” (33.5 प्रतिशत) और “फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय रसायन और वनस्पति उत्पादों का निर्माण” (10.2 प्रतिशत).
उद्योग समूह “बुनियादी धातुओं का निर्माण” में, “मिश्र धातु इस्पात के सपाट उत्पाद”, “एमएस स्लैब” और “इस्पात के पाइप और ट्यूब” जैसे मद समूहों ने विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
“मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर का निर्माण” नामक उद्योग समूह में, “एक्सल”, “ऑटो कंपोनेंट्स/स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज” और “कमर्शियल व्हीकल्स” नामक आइटम समूहों ने विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
“फार्मास्युटिकल्स, औषधीय रसायन एवं वनस्पति उत्पादों का निर्माण” नामक उद्योग समूह में, “पशु चिकित्सा के लिए टीका”, “पाचक एंजाइम एवं एंटासिड (पीपीआई दवाओं सहित)” और “विटामिन के एपीआई एवं फॉर्मूलेशन” नामक आइटम समूहों ने विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिखाया है.
उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार, दिसंबर 2025 के महीने के लिए प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 164.6, पूंजीगत वस्तुओं का 124.0, मध्यवर्ती वस्तुओं का 182.8 और अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं का 219.1 रहा है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक क्रमशः 139.0 और 180.7 रहा है.
दिसंबर 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार आईआईपी की संबंधित वृद्धि दर प्राथमिक वस्तुओं में 4.4 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 8.1 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 7.5 प्रतिशत, अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं में 12.1 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 12.3 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 8.3 प्रतिशत रहा है। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आधार पर, दिसंबर 2025 के महीने के लिए आईआईपी की वृद्धि में शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता अवसंरचना/निर्माण वस्तुएं, प्राथमिक वस्तुएं और मध्यवर्ती वस्तुएं रही हैं.
