रायपुर, 16/10/2025
छत्तीसगढ़ में नक्सल फ्रंट पर सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है. गुरुवार को कुल 170 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी है. अमित शाह ने कहा कि कुल 170 नक्सलियों ने बस्तर में सरेंडर किया है. यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस समस्या को समाप्त करने के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है.
10 वरिष्ठ नक्सलियों ने भी किया सरेंडर
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में नक्सली सतीश उर्फ टी वासुदेव भी शामिल है. वासुदेव, नक्सलियों के सीसीएम पद पर कार्यरत है. इनके अलावा 10 वरिष्ठ नक्सली इभी इसमें शामिल हैं. सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने सरेंडर किया है उनमें ये बड़े चेहरे हैं
सतीश उर्फ टी वासुदेव राव (सीसीएम), 1 करोड़ रुपये का इनाम
रनिता (एसजेडसीएम, माड़ डीवीसी की सचिव), 25 लाख रुपये का इनाम
भास्कर (डीवीसीएम, पीएल), 10 से 15 लाख रुपये का इनाम
नीला उर्फ नंदे (डीवीसीएम, आईसी और नेलनार एसी की सचिव)
दीपक पालो (डीवीसीएम, आईसी और इंद्रावती एसी के सचिव)
इसके अलावा एसीएम स्तर के नक्सलियों पर 5 लाख रुपये का इनाम था
नक्सलियों ने हथियार भी किए सरेंडर
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने हथियार के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ा है. नक्सलियों ने एके-47, इंसास, एसएलआर और थ्री नॉट थ्री की राइफलें भी फोर्स के सामने डाले हैं नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक ऐतिहासिक दिन है.
वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का त्याग किया: अमित शाह
आज छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. कल राज्य में 27 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए थे. महाराष्ट्र में बुधवार को 61 नक्सली मुख्यधारा में लौट आए. पिछले दो दिनों में कुल 258 युद्ध-प्रशिक्षित वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का त्याग किया है. मैं भारत के संविधान में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए हिंसा का त्याग करने के उनके निर्णय की सराहना करता हूं
मोदी सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के प्रयास में जुटी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पोस्ट में आगे लिखा कि यह इस बात का प्रमाम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस समस्या को समाप्त करने के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है. मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है: जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है और जो लोग बंदूक चलाना जारी रखेंगे, उन्हें हमारी सेना के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा.
जो नक्सलवाद के रास्ते पर हैं वे अपने हथियार डाल दें: शाह
अमित शाह ने नक्सली रास्ते पर चल रहे लोगों से अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों से फिर से अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद के रास्ते पर हैं वे अपने हथियार डाल दें और मुख्यधारा में शामिल हो जाएं हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं
